आजमगढ़। निकाय चुनाव के दिन बूथों पर सिर्फ महिलाओं की लाइन ही नहीं लगी रही, बल्कि मतदान में वो हर बूथ पर पुरुषों भारी रही है। आजमगढ़, लालगंज और अतरौलिया को छोड़ दिया जाए तो 10 निकायों में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों से कहीं आगे रहा। निकाय चुनाव में कुल महिला मतदाताओं की संख्या 119377 थी। इसमें से 72768 महिलाओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं का कुल वोटिंग प्रतिश 60.95 फसदी रहा। वहीं, 136325 पुरुष मतदाताओं में 79070 मतदाताओं ने ही अपने मत का प्रयोग किया। इनका वोटिंग प्रतिशत मात्र 58 फीसदी रहा।
निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों ने महिलाओं की ताकत का भले ही कम कर कें आंका हो, लेकिन महिलाओं ने मतदान के प्रति बेहिसाब उत्साह देकर ऐसे राजनीति दलों को करारा जवाब दिया है। जिले के कुल 13 निकायों में 10 महिलाएं वोटिंग के मामले में पुरुषों से आगे रही हैं। निकाय चुनाव में इस बार कुल 255702 मतदाता थे। इसमें महिला मतदाताओं की संख्या 119377 थी। इसमें 72768 महिलाओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं का कुल वोटिंग प्रतिश 60.95 फसदी रहा। वहीं, 136325 पुरुष मतदाताओं में 79070 मतदाताओं ने ही अपने मत का प्रयोग किया। इनका वोटिंग प्रतिशत मात्र 58 फीसदी रहा। मुबारकपुर पालिका में पुरुषों का वोटिंग फीसदी 63.34 रहा था महिलाएं इसने से एक कदम आगे 65 फीसदी पर रहीं। आजमगढ़ में 48.37 तो 47.03 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया। नगर पंचायत निमाजाबाद में 56.58 फीसदी पुरुषों के सापेक्ष 64.42 फीसदी महिलाओं ने अपने मत का प्रोग किया। बिलरियागंज में पुरुष 60 फीसदी पर ही अटक गए तो महिलाओं वोटिंग में 75 फीसदी का आंकड़ा पार कर गईं। मेंगनगर में पुरुषों के 60.71 फीसदी मतदान के सापेक्ष 72.76 फीसदी महिलाओं ने वोट डाले। अजमतगढ़ में पु्रुष 64.34 फीसदी पर ही अटक गए तो महिलाएं 74.38 फीसदी तक पहुंची। जीयनपुर में 66.79 फीसदी पुरुषों के सापेक्ष 77.72 फीसदी महिलाओं ने मतदान में हिस्सा लिया। लालगंज में महिलाएं मात्र थोड़े से अंतर से पु्रुषों के पीछे रह गईं। यहां 74.40 फीसदी पुरुषों के सापेक्ष 73.91 फीसदी महिलाओं ने मतदान में भाग लिया। सरायमीर में महिलाओं और पुरुषों की वोटिंग लगभग बराबर रही। फूलपुर में महिलाओं की वोटिंग 67.55 फीसदी रही तो पुरुष 62.37 फीसदी पर ही सिमट गए। अतरौलिया में महिलाएं पुरुषों से लगभग एक फीसदी पीछे रहीं। महाराजगंज में महिलाएं पुरुषों से आठ फीसदी तो माहुल में 12 फीसदी आगे रहीं। मतदान में उत्साह दिखाकर महिलाओं ने राजनीतिक दलों के स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राजनीति में उनकी उपेक्षा की तो इसका खामियाजा उन्हें उठाना पड़ेगा।