मार्टीनगंज। भादो गांव में सोमवार को अली कौसर के इमाम बारगाह से 11 मोहर्रम का उजड़े हुए काफ़िले का मातमी जुलूस निकाला गया। दुलदुल, अलम, झूला और ताबूत की शबीह निकली। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ इमाम बारगाह हादी हसन पहुंच कर संपन्न हुआ ।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना अहमद हसन खान ने कहा कि पूरी दुनिया में इमाम हुसैन का गम मनाया जा रहा है। इमाम हुसैन ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाकर न सिर्फ अपना परिवार कुर्बान कर दिया, बल्कि आज जो इस्लाम जिंदा है वो उनकी शहादत के दम पर है। दुनिया में फैले आतंकवाद को उखाड़ फेंकने में मुल्क की मदद करें, तभी इमाम हुसैन को सच्ची श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद अंजुमन मोईनुल अजा, अंजुमन सज्जादिया कुसुआ, चिकसाए की अंजुमन के नेतृत्व में शबीहे अलम, जुलजनाह और गहवारे अली असगर और ताबूत बरामद हुआ। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ इमाम बारगाह हादी हसन पहुंच कर संपन्न हुआ। सोजखानी सरफ़राज हुसैन, एजाज हुसैन, मेहंदी हादी और हमनवा ने की। इस मौके पर अफसर अनमोल, अली हसन, जमीरुल, कायम, जावेद, मोहम्मद अली, अर्शी मौजूद रहे ।