आजमगढ़। शुक्रवार की आधी रात से पूरे देश में जीएसटी लागू जरूर हो गया लेकिन जनपद में इसका अभी कोई असर देखने को नहीं मिला। क्योंकि सामान लोगों को पुराने रेट पर ही मिले। जीएसटी लागू होने के बाद भले ही टूथपेस्ट, मंजन, नहाने का साबुन, तेल, साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, केरोसिन, कोयला, घरेलू एलपीजी आदि सस्ते हो गए हैं लेकिन जीएसटी लागू होने के पहले दिन जनपद में इन सामानों के दामों में कोई कमी नहीं दिखी। व्यापारियों का कहना है कि उनके पास पुराना माल जमा है, इस कारण से वह इसके दाम को कम नहीं कर सकते। लेकिन अब जो नया माल आएगा उसके दाम में कमी होगी। वहीं कपड़े और इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम बढ़ गए। लेकिन जनपद में यह सामान भी पुराने ही रेट पर ग्राहकों को मिले। हालांकि बिल पर जीएसटी जरूर लिखा था। नगर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित एक मॉल में जीएसटी लगे बिल ग्राहकों को दिए गए। लेकिन मॉल के मालिक ने कहा कि अभी पुराना माल है जब नया माल आएगा तो नए रेट पर उसकी बिक्री होगी।
बोले लोग
एक मॉल में कपड़े की खरीदारी करने पहुंचे पठखौली निवासी रजनीश राय ने कहा कि आज उन्होंने कपड़ा खरीदा लेकिन रेट में कोई परिवर्तन नहीं मिला। लेकिन जो बिल मॉल से मिली है उस पर जीएसटी लिखा हुआ है। लेकिन जीएसटी का पैसा माल संचालक ने हमसे नहीं मिला। क्योंकि कपड़े को जो पुराना रेट है उसी रेट पर हमें बिल दी गई।
नगर के सिधारी मुहल्ला निवासी राकेश सिंह चंदेल ने कहा कि वह टूथपेस्ट लेने के लिए दूकान पर गए। दूकानदार ने उन्हें पुराने रेट पर ही टूथपेस्ट दिया। जब उन्होंने इस संबंध में दूकानदार से पूछा तो उसने कहा कि अभी पुराना मॉल स्टाक में है। जब यह समाप्त हो जाएगा उसके बाद नया माल आएगा तो सस्ते में बेचेंगे।
रूंगटा क्लॉथ हाउस के प्रोपराइटर परितोष रूंगटा ने कहा कि जीएसटी लागू होने के पहले दिन उन्होंने सेल बंद रखी क्योंकि अभी तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। रजिस्ट्रेशन न होने का मुख्य कारण यह है कि पहले कपड़े की दूकान के लिए टिन नंबर अनिवार्य नहीं था लेकिन अब हो गया है। हमने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है।
किराना व्यवसाई पवन यादव ने कहा कि अभी हम किराना के सामान पुराने रेट पर ही बेच रहे हैं। जीएसटी लागू होने के बाद कई सामानों के दाम कम होने है लेकिन हमारे पास पुराना मॉल स्टॉक में है। जिसमें पुराने रेट पर ही बेच रहे हैं। नया माल आने के बाद जीएसटी के हिसाब से बेचा जाएगा।
सात हजार से अधिक कर चुके हैं आवेदन, बाकी के लिए अभियान
आजमगढ़। वाणिज्यकर के डिप्टी कमिश्नर डा. दयाशंकर ने बताया कि जनपद में 14 हजार से अधिक व्यापारी हैं। इनमें सात हजार से अधिक व्यापारियों ने पोर्टल पर आवेदन किया है। अभी इनका आईडी और पासवर्ड नहीं आया है। जैसे ही यह आ जाएगा उनमें वितरित कर दिया जाएगा। शेष बचे लोगों को भी अभियान चलाकर रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यालय 15 जुलाई तक सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक खुला रहेगा। जहां हम लोगों की शंकाओं और समस्याओं का समाधान करेंगे। जनपद में 2500 के करीब लोग ऐसे हैं जिनकी आमदनी 20 लाख से अधिक है। इन सभी लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। जो बचे हैं उनका भी अभियान चलाकर पंजीकरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज हमने वाणिज्यकर कार्यालय में जीएसटी का स्थापना दिवस भी मनाया। जिसमें सभी वर्गों के लोग शामिल है। इस दौरान जीएसटी के बारे में लोगों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।