आईटीआई मैदान में 28 अगस्त को बसपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पार्टी सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आगमन की सूचना पर पुलिस अधिकारी उनकी सुरक्षा का खाका तैयार कर रहे हैं। इसके तहत, जिले के अलावा आसपास के जिलों से 800 पुलिसकर्मियों की मांग की गई है। लेकिन अधिकारियों की इस पर गुरुवार तक मुहर नहीं लग सकी थी। सभी की नजरें वाराणसी सहित आसपास के जिलों में आई बाढ़ पर टिकी है।
दूसरी तरफ, पूर्व सीएम के कार्यक्रम से पूर्व ही गुरुवार को लखनऊ से उनकी सुरक्षा में लगे जवानों की एक फौज जिले में पहुंच गई और कार्यक्रम स्थल से लेकर आसपास की गतिविधियों का जायजा ले रही हैं। शहर से एक होटल में ठहरेे जवानों ने बताया कि वे लोग सुरक्षा के अलावा जुटने वाली भीड़ आदि का भी इनपुट जुटा रहे हैं। उधर पार्टी के लोग यह कयास लगा रहे कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में मायावती की दहाड़ सुनने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ इक्टठा होगी।
पार्टी के लोग अधिक से अधिक भीड़ जुटाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। जबकि पार्टी के कुछ नेता स्थानीय बड़े मुद्दे जुटा रहे। ताकि मंच से बहन जी उसे उठा सकें। बता दें कि भाजपा के पूर्व नेता दयाशंकर द्वारा मायावती के विरुद्ध की गई टिप्पणी और उसको लेकर उपजे विवाद को देखते हुए प्रशासन पूर्व सीएम की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोतहाई नहीं बरतना चाह रही है। लेकिन अधिकारियों की नजरें वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर आदि जिलों में आई बाढ़ पर केंद्रित है।
माना जा रहा कि यदि बाढ़ का कहर इसी तरह से जारी रहा तो फोर्स की उपलब्धता कम भी हो सकती है। एसपी सिटी डा. विपिन ताडा ने बताया कि पूर्व सीएम की सुरक्षा के लिए 800 पुलिसकर्मियों की मांग की गई है। इसमें सीओ, इंस्पेक्टर, सबइंस्पेक्टर, पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान शामिल हैं।