मेंहनगर/ लाटघाट। तहसील क्षेत्र के घिनहांपुर गांव में शनिवार को गेहूं की फसल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीणों के प्रयास के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इससे साढ़े छ: बीघा किसानों की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। फसल जलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। घिनहांपुर गांव में शनिवार को दिन के करीब 11 बजे हरिजन बस्ती के समीप बांस खूटीं में अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गेहूं की फसल तक पहुंच गई और गेहूं की फसल धूं धूं कर चलने लगी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सभी लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन गर्मी और तेज हवा के कारण पूरी खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड को आग लगने की सूचना दी गई थी लेकिन वह भी समय से नहीं पहुंच सका। अगलगी की इस घटना में शोभनाथ सिंह का दो बीघा, प्रधान धन्नजय उर्फ डबलू राम का एक बीघा, तारा देबी व पुंनजय राम का दो बीघा, कमलेश राम का एक बिघा व रामदुलारे राम का आठ बिस्वा गेहूं की खड़ी फसल जल गई। सूचना पर गांव के लेखपाल ने पंहुच कर आग से गेहूं की फसल का हुए नुकसान का जायजा लिया। तहसील अधिकारियों को आकलन कर रिपोर्ट प्रेसित किया।
लाटघाट संवाददाता के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के तुरकौली गांव निवासी बेचन यादव का खेत तवक्कलपुर में है। शनिवार को दोपहर लगभग 1 बजे शार्टसर्किट से गेहूं की फसल में आग लग गई। जिससे लगभग 2 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया । लोगों ने इसकी सूचना फायर विभाग को दी लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने किसी प्रकार आग पर काबू पाया गया। नहीं तो सैकड़ों बीघा गेहूं जलकर खाक हो जाता। बता दें कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते आए दिन कहीं न कहीं आग लग जा रही है। किसानों की खड़ी फसल जल जा रही है। सरकारी अमला किसानों के हित में कभी नहीं सोचते हैं। फायर स्टेशन विगत 5 वर्षों से रौनापार लाटघाट बनाया जा रहा है। लाटघाट में जमीन भी आरक्षित कर ली गई है। फिर भी काम नहीं हो रहा है।