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कटान से विस्थापित 75 परिवारों की दीपावली रही फीकी

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लाटघाट। घाघरा नदी की कटान से विस्थापित हुए लोगों को अभी तक आवास नहीं मिला है। दिवाली के अवसर पर इनके परिजन घरों पर दीपक जलाने और पटाखे फोड़ने से दूर रहे। क्योंकि आज भी यह लोग अपने नात रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा, भीमली का पुरवा में अगस्त और सितंबर माह में घाघरा नदी की कटान से अब तक 75 घर विस्थापित हो चुके हैं। इनके मकान घाघरा में समा गए हैं। खेती के साथ ही घर भी नहीं बचा है। बता दें कि देवारा खास राजा गांव के मुरारी का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा और भीमली का पुरवा के 75 परिवार जैसे हरिश्चंद्र, शिवचंद्र, गुलाब, भीमली, जयराम, गिरजा, ढोंढ़ई, रामा, मुंशी जैसे लोग हैं। बिस्थापितों को अभी तक रहने के लिए जमीन आवंटित नहीं हुई है। घाघरा नदी में अब तक 75 घर और हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि समा चुकी हैं। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी के कटान से कुल 75 परिवार विस्थापित हुए है। एसडीएम ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए उन्हें जल्द से जल्द आवास के लिए पट्टा आवंटित करना और कब्जा दिलाने के लिए कहा था। अभी तक देवारा के 75 परिवार को आवास मकान बनाने के लिए नहीं मिला जमीन आवंटित ना होने की स्थिति में लोग नात रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। यह दिवाली कहां मनाएं, खुद का घर नहीं है। इनकी दिवाली फीकी रही। प्रशासन कहता आ रहा है कि जल्द से जल्द ने जमीन आवंटित कर दी जाएगी लेकिन अभी तक उन्हें जमीन आवंटित नहीं हुई।
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