फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

72 ताबूत की जियारत

Fri, 20 Nov 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
फूलपुर तहसील क्षेत्र के माहुल स्थित डेउढ़ी से बुधवार को अंजुमन सज्जादिया की ओर से इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में जुलूस-ए-हरम निकाला गया। इस दौरान निकाले गए 72 ताबूत की जियारत कर अजादार रो पडे़।
विज्ञापन


 रास्ते भर अंजुमनों ने नौहा मातम कर करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। या अली मौला की सदाए बुलंद होती रही।

 जगह जगह आयोजित की गई मजलिसों में मौलना नजर मुहम्मद जैनबी, इरशाद अब्बास, वसी हैदर, अमीर हसन, अरशद जाफरी ने खिताब किया। मजलिस से पूर्व कैसर माहुली ने पेशख्वानी की।

उधर मजलिस के बाद निकाले गए जुलूस में सबसे आगे अजादार अलम और इमाम जैनुलआबदीन के ताबूत को लेकर चल रहे थे। जुलूस जब रूखसाना रिजवी के आवास के सामने पहुंचा तो वहां
विज्ञापन


अजादारों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं दूसरी तरफ  अंजुमन गुलजारे पंचतन दसमड़ा ने अजादारों का सहयोग किया।
रास्ते भर मेहमान अंजुमनों ने नौहा मातम कर करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

कई स्थानों पर अंजुमन जुल्फेकारिया, नासिरूल अजा, सक्का-ए-हरम, गौसिया, रौनके इस्लाम आदि अंजुमनों ने नौहा मातम पेश किया। जुलूस का समापन देर शाम रौजा में हुआ।
विज्ञापन


इस दौरान अजादारों को 72 ताबूत की जियारत कराई गई।
वही अंजुमन जुल्फेकारिया जौनपुर ने दहकती हुई जंजीर का मातम कर खिराज-ए-अकीदत पेश की। इस दौरान या हुसैन या मौला की सदाओं से इलाके गूंजते रहे।

संचालन सैयद मेंहदी रजा एडवोकेट और आभार सचिव सैफ अब्बास रिजवी ने किया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें