फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेटुआ की प्रस्तुति से बयां किया कलाकार का दर्द

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से सूत्रधार संस्थान के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय चतुरंग नाट्य उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को नेटुआ का मंचन हुआ। साईकोलोनॉरमा नई दिल्ली के कलाकारों ने लोक कलाकार ‘झमना’ के अमानवीय शोषण को परत दर परत उधेड़ने वाली कहानी को नाटक में पिरोया।
विज्ञापन

रतन वर्मा द्वारा लिखित और दिलीप गुप्ता निर्देशित नेटुआ नाटक बिहार के एक परंपरागत और अब लुप्तप्राय: लोक नृत्य के समाजशास्त्रीय विश्लेषण है। इस नाटक ने सामंतवाद और यौन विकृति की सामाजिक अभिव्यक्ति से भी दर्शकों को जोड़ा। बचपन में ही अनाथ हो गए झमना का अपने नाना से नेतुआगिरी का गुण सीखने के बाद उसका अपने अंदर के कलाकार से साक्षात्कार होता है। वो बाबू जमींदारों की यौन लिप्साओं से बच नहीं पाता और उसका शिकार भी हो जाता है। हालात यहां तक पहुंच जाते हैं कि अब उन्हें उसके पुरुष रूप को स्वीकार करना असह्य लगता है। उसका पारिवारिक जीवन भी उनकी कुंठाओं से बच नहीं पाता। नाटक के संगीत ने कथ्य को और गंभीरता दी। मुख्य भूमिका में दिलीप गुप्ता, राजेश बख्शी, नरेंद्र कुमार, राज तंवर, हर्षिता गौतम, अविनाश तिवारी, ललित सिंह, अमित कुमार, निखिल द्विवेदी, हेमंत कुमार रहे। संगीत परिकल्पना सैंडी ने किया। प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. सीके त्यागी, मनीष तिवारी, अरविंद अग्रवाल, पूनम तिवारी, शिखा मौर्य, सोनी पांडेय ,अलका सिंह आदि मौजूद थे। नाट्य संध्या का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, एसपी ग्रामीण नरेंद्र सिंह, बीएसए देवेंद्र पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें