आजमगढ़। पॉलिथीन पर प्रतिबंध का शासनादेश जारी हुए पांच दिन बीत गये है, लेकिन नपा प्रशासन अब तक पूरी तरह से उदासीन ही बना हुआ है। अब तक न तो कोई टीम ही बनायी गई है और नही जागरूकता को लेकर कोई कवायद शुरू हुई है। जो कुछ भी हो रहा है तो वह सिर्फ कागजी और हवा-हवाई ही हो रहा है। प्रदूषण की स्थिति काफी खराब हो चुकी है और इसका प्रमुख कारण बना है पॉलिथीन। यही कारण है कि सरकार ने 50 माइक्रोन के पॉलिथीन के प्रयोग पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगा दिया है। 15 जुलाई को सरकार ने इस बाबत शासनादेश भी जारी कर दिया है, जिसमें प्रतिबंध पूर्ण रूप से लागू कराने की जिम्मेदारी नगर क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायत प्रशासन को सौंपी गई है। इस शासनादेश को जारी हुए पांच दिनों का समय बीत गया है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन आजमगढ़ अभी भी कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। नपा की तरफ से अब तक प्रतिबंध को नगर क्षेत्र में लागू कराने के लिए कोई कवायद नहीं शुरू की गई है। नपा के ईओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव जो भी दावा कर रहे है वह पूरी तरह से हवा-हवाई ही साबित हुई है। ईओ द्वारा सिर्फ बरगलाने का काम किया जा रहा है। वहीं ईओ की तरफ से जिम्मेदार बनाये गये नपा के जेई/सफाई इंस्पेक्टर महावीर तो मोबाइल ही स्वीच ऑफ कर लिए है। ईओ नपा आजमगढ़ लाउडस्पीकर लगा कर जागरूकता फैलाने की बात कह रहे है, लेकिन वह यह नहीं बता पा रहे है कि जागरूकता के लिए लगाया गया लाउडस्पीकर किन-किन वार्डों अथवा क्षेत्रों में अब तक भ्रमण कर चुका है। जिले की दूसरी नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में पॉलिथीन पर प्रतिबंध को लेकर कुछ कवायद शुरू हो चुकी है। ईओ नपा मुबारकपुर राजपति ने तो नगर क्षेत्र में स्वयं निकल कर जागरूकता फैलाने की कवायद में जुटे है।
डीएम साहब ने तीन दिनों तक पॉलिथीन प्रतिबंध के मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से रोक लगा रखी है। तीन दिनों के बाद कार्रवाई शुरू की जायेगी। फिलहाल नपा प्रशासन लाउस्पीकर के माध्यम से जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है। डीएम के निर्देश के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई शुरू की जायेगी।
वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ईओ-नपा आजमगढ़।