आजमगढ़। 917 लाख के विधायक और सासंद निधि के गबन के मामले में हीलाहवाली के बाद एक बार फिर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कार्रवाई संबंधी का अनुमोदन जिलाधिकारी की ओर से कर दिया गया है। अब विभाग की ओर से इन विद्यालयों पर जल्द ही रिकवरी और एफआईआर की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
लालता यादव की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल रिट की सुनवाई के परिपेक्ष्य में जनपद में 80 से ज्यादा विद्यालयों में गई विधायक और सांसद निधि की जांच की जा रही है। इसमें पिछले सीडीओ के कार्यकाल में 22 विद्यालयों को 917 लाख के निधि के गबन का दोषी पाया गया था। इन विद्यालय ने गलत भूमि दिखा कर निधि का गबन किया था। सीडीओ के स्थानांतरण के बाद डीजीसी सिविल ने भी विद्यालयों से वसूली और एफआईआर के साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की राय दी थी, लेकिन डीआरडीए ने कार्रवाई के ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मामला अखबारों की सुर्खिया बनने के बाद विभाग ने फिर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। सीडीओ की ओर से कार्रवाई की फाइल को अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा गया था। फिलहाल 22 विद्यालयों पर रिकवरी और एफआईआर की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने भी फाइल पर अंतिम मुहर लगा दी है। अब विभाग की ओर से आरसी जारी करने और एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
0000000
22 विद्यालयों पर रिकवरी और एफआईआर की कार्रवाई के लऽिए फाइल को अनुमोदन के लिए डीएम के पास भेजा गया था। संबवत: जिलाधिकारी का अनुमोदन हो गया है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार उपाध्याय, सीडीओ