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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा सूबे के विकास का तानाबाना

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आजमगढ़। सूबे की सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के साथ पूरे प्रदेश की एक साथ बेहतर कनेक्टिविटी कर विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी की है। इसके लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस एक्सप्रेस-वे को बुंदेलखंड और आगरा एक्सप्रेस-वे से कनेक्ट किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली से पटना तक की दूरी मात्र 10 घंटे में तय कर ली जाएगी। लोगों को जहां जाम से निजात मिलेगी वहीं, ईंधन के साथ समय की बचत होगी। पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। पूर्वी यूपी के उत्पाद और फसलों को कम समय में दिल्ली तक की मंडियों में पहुंचाया जाएगा। प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र की प्रगति और विकास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे नई गति देने वाला है। 340.82 किमी के इस एक्सप्रेस के निर्माण की कुल अनुमानित लागत 23349 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें सिविल निर्माण की लागत 11836 करोड़ रुपये है। सरकार की ओर से नई बिग से 1514 करोड़ के बचत की बात कही जा रही है। एक्सप्रेस-वे को क्रास करने वाले मार्गों पर 10 किमी दूरी तक स्थित गांवों को इससे जोड़ने के लिए मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर कुल सात रेलवे ओवर ब्रिज, सात बड़े पुल, 112 छोटे पुल, 11 इंटरचेंज, सात टोल प्लाजा, चार रैंप प्लाजा, 220 अंडर पास और 496 पुलियों का निर्माण होगा। इसमें दो बड़े पुल और दो रेलवे ओवर ब्रिज के जनपद में बनने की उम्मीद है। आपात स्थिति में लड़ाकू और भारी विमानों की लैंडिंग के लिए सुल्तानपुर के जयसिंहपुर तहसील में 3.20 किमी की हवाई पट्टी भी बनेगी। आजमगढ़ जनपद में इसकी लंबाई लगभग 99 किमी होगी। कुल आठ पैकेजों में इसका निर्माण कराया जाए इसमें दो पैकेज जनपद में पड़ेंगे। इसके बनने के बाद पूर्वी यूपी का कनेक्शन आगरा और यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से सीधे देश की राजधानी से हो जाएगा। इससे जुड़ने वाले जनपदों का सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके किनारे विभिन्न उत्पाद इकाइयों विकास केंद्रों, कृषि उत्पादन क्षेत्र और औद्योगिक कारीडोर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, कोल्ड स्टोरेज, भंडारण गृह, मंडी और दुग्ध आधारित उद्योग के लिए लोग आगे आएंगे। शिक्षण संस्थानों के लिए भी अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही सरकार ने बुदेलखंड को भी एक्सप्रेस-वे से दिल्ली को जोड़ने का काम अपने हाथों में लिया है। ये चित्रकूट से प्रारंभ होकर इटावा तक जाएगा। इसकी लंबाई 289 किमी होगी। 110 मीटर चौड़ा ये मार्ग चार लेन का होगा, जो छह लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को इससे भी कनेक्ट किया जाएगा।
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89 किमी का होगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा। ये 89 किमी लंबा होगा। 110 मीटर चौड़ा ये मार्ग चार लेन का होगा। बाद में इसे छह लेन का किया जा सकेगा। इसके अलावा 170 किमी लंबे प्रयागराज एक्सप्रेस-वे से भी इसे कनेक्ट किया जाएगा। 110 मीटर चौड़ा ये मार्ग चार लेन का होगा। बाद में इसे छह लेन का किया जा सकेगा। राज्य सरकार इसे सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी और फैजाबाद के साथ ही कम विकसित जिले आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर के विकास के लिए मील का पत्थर मान रहा है।

चार पीढ़ी पीछे गई अमेठी
आजमगढ़। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने बगैर नाम लिए कहा कि देश की सत्ता पर राज करने वाली पार्टियों ने अमेठी को चार पीढ़ी पीछे ढकेल दिया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे यहां से भी गुजरेगा जो यहां के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
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