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करोड़ो की मूर्ति चुराने वालों का अब तक पता नहीं

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आजमगढ़। पुलिस के समक्ष मंदिरों से चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियां और चोरों की गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई है। मामलों में अब तक गिरफ्तारी न होने से जहां क्षेत्रीय लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है, वहीं लोग पुलिस की कार्यशैली पर भी तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।
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16 दिसंबर 2017 की रात चोरों ने निजामाबाद थाना क्षेत्र के पहलेजाबाद गांव में स्थित प्राचीन मंदिर का ताला तोडक़र भीतर घुसे और अंदर रखी गई अष्टधातु की राम, लक्ष्मण, जानकारी की कीमती प्रतिमा चुरा ले गए। इससे पूर्व चोर वर्ष 2016 में निजामाबाद कस्बे में स्थित प्राचीन शिवालाघाट मंदिर का ताला तोडक़र अष्टधातु की भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति चुरा ले गए। 2015 में भी चोरों ने निजामाबाद थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध दत्तात्रेय धाम से राम, जानकी, लक्ष्मण आदि की कीमती मूर्तियां चुरा ले गए। मंदिर का ताला तोडक़र चोरी हुई इन प्रतिमाओं के साथ पुलिस ने कुछ चोरों को गिरफ्तार कर प्रतिमाएं बरामद तो कर ली, लेकिन इन्हें थाने के मालखाने में रखा गया है। इससे पूर्व चोरों ने देवगांव कोतवाली क्षेत्र के माधोपुर धरांग गांव में स्थित प्रसिद्ध मठ की सुरक्षा में लगे होमगार्डों को बंधक बनाकर और पुजारी को घायल कर अष्टधातु की चार कीमती प्रतिमाएं चुरा ले गए। जिनका अब तक कोई पता नहीं चला। जबकि इसी मठ से वर्ष 2004 में चोर प्रतिमाएं चुराकर भागते समय लालगंज बाजार से गिरफ्तार कर लिए गए थे। उस समय देवगांव कोतवाली पुलिस ने इन प्रतिमाओं की कीमत अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में 90 लाख रुपये का आंकलन कराया था। क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिरों से चोर जहां आस्था पर चोट कर रहे हैं। वहीं पुलिस के अधिकारी मामला पुराना होने की बात कहते हुए दबाए बैठ गए हैं।
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चोरी की जिन बड़ी घटनाओं का खुलासा अब तक नहीं हो सका है। उसकी समीक्षा करते हुए घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान पुराने चोरों का भी रिकार्ड खंगाला जा रहा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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