आजमगढ़। वरिष्ठ साहित्यकार राजाराम सिंह के काव्य संग्रह पड़े कीच में पांव, का रविवार को नेहरू हाल में विमोचन हुआ। विमोचन समारोह के दौरान आयोजित संगोष्ठी में जिले के साहित्यकारों ने अपनेे विचार व्यक्त किए।
काव्य संग्रह का विमोचन मुख्य अतिथि सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव और जिले के साहित्यकारों ने किया। इसके पश्चात भालचंद्र त्रिपाठी ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की। संगोष्ठी में विजय प्रताप यादव ने राजाराम सिंह के काव्य संग्रह का सस्वर पाठ किया। पंकज गौतम ने कहा कि यह पुस्तक पूरी तरह से प्रतिपक्ष में खड़ी है और यही कवि की विशेषता है। सभी दोहे आलोचनात्मक और यथार्थवादी हैं। इन दोहों में कवि ने राजनीति, अर्थ, समाज, मौसम, पर्व, गांव, किसान और संस्कृति को ध्यान में रखा है। मुख्य अतिथि हवलदार यादव ने काव्य संग्रह के कुछ दोहों को पढ़ते हुए उसकी सार्थकता पर चर्चा की। दीनानाथ लाल श्रीवास्तव ने काव्य संग्रह को राह दिखाने वाली मशाल कहा। कन्हैया लाल यादव ने कहा कि पुस्तक मुंशी प्रेमचंद के साहित्य की परिभाषा पर खरी उतरती है। संगोष्ठी को डॉ. रवींद्र नाथ राय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मधुर नजमी, जगदंबा प्रसाद दूबे, डॉ. हरिसेवक पांडेय आदि मौजूद रहे।