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प्लांट के लिए प्रोजेक्ट तैयार, जमीन मिले तो बने बात

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आमजगढ़। जिले में सीवेज प्लान अभी तक परवान नहीं चढ़ रहा है। अमृत योजना के तहत पहली बार जिले में बिछी सीवर लाइन से 6667 लोगों को कनेक्शन जारी करने के लिए कार्यवाही जारी है, लेकिन ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रशासन से कोई पहल नहीं की जा रही है। हालांकि जल निगम की ओर से बलरामपुर स्थित प्लांट में 26 करोड़ की लागत से पहले फेज के लिए ट्रीटमेंट प्लांट का प्रोजेक्ट तैयार लगभग तैयार कर लिया गया, लेकिन इससे भी शहर की जरूरत पूरी होती नहीं दिख रही है। सीवेज ट्रीटमेंट के लिए यहां तीन जोन में प्लांट लगाने का लगभग दो सौ करोड़ का प्रस्ताव है, लेकिन जमीन न मिलने के कारण इसे शासन की नहीं भेजा जा रहा है।
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शहर में लोगों को सीवरेज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1972 में ही कार्य शुरू कर दिया गया था। लगभग 17 किमी की सीवेज लाइन भी बिछाई जा चुकी है। पर अभी तक किसी को वैधानिक रूप से कनेक्शन नहीं दिया गया है। बलरामपुर स्थित जिला अस्पताल और इसी क्षेत्र के लोगों की ओर से अवैधानिक रूप से कनेक्शन कर गंदा पानी निकाला जा रहा है। इस पानी को बलरामपुर स्थित पंपिंग स्टेशन से पंप कर धर्मू नाले से तमसा नदी में गिराया जाता है। इस बीच शासन से अमृत योजना के तहत 6667 लोगों को सीवरेज कनेक्शन के लिए अनुमति मिल गई। कार्य शुरू करने के दबाव के बीच जल निगम की ओर से इसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। कई लोगों को कनेक्शन दिया भी जा चुका है। ऐसी स्थिति में गंदा पानी बिना ट्रीट किए नदी में ना गिरे इसके लिए फिलहाल जलनिगम की ओर से पहले फेज में 26 करोड़ के ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ये प्लांट बी बलरामपुर में ही लगेगा। 10 दिन के भीतर इस प्रस्ताव को शासन को भेजने की योजना है। लेकिन प्लांट के भरोसे पूरे शहर को न तो सीवेज कनेक्शन दिया जा सकता है और न ही लाइन में इजाफा किया जा सकता है। इससे कार्रवाई ठप पड़ी है।

अभी सीवेेज लाइन से अछूता है आधा से ज्यादा शहर
शहर में बिछाई गई 17 किमी सीवेज लाइन चौक क्षेत्र के आसपास से बलरामपुर तक फैला है। इसके अलावा पूरा शहरी क्षेत्र सीवरेज लाइन से अछूता है। जल निगम की माने तो शहर को कवर करने के लिए 35 किमी तक सीवेज लाइन बिछानी पड़ेगी। अहियाई, सिधारी और रैदोपुर क्षेत्र में बनने वीले तीन जोन में लगभग आधा-आधा एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। प्लांट में पानी की ट्रीट करने के बाद इसे तमसा में गिराने की योजना थी। प्रस्ताव शासन को भेजना था, लेकिन ये कहा गया कि पहले जमीन की व्यवस्था किजीए। इसके लिए एसडीएम सदर को कई बार लिखा गया है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध होने के बाद ही शहर में लाइन बढ़ाने का कार्य दूसरे फेज में किया जाएगा।
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शहर में सीवर लाइन तभी बढ़ाई जाएगी जब सेकेंड फेज के ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन मिल जाए। जमीन के लिए एसडीएम सदर को कई बार लिखा गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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एसके सिंह यादव, एक्सईएन जल निगम
जमीन के लिए नहीं जलनिगम की ओर से एक बार जमीनों के सर्किल रेट के लिए पत्र भेजा गया था। उसे सर्किल रेट के बारे में जब भी जानकारी चाहिए उसे दे दी जाएगी।
प्रशांत कुमार, एसडीएम
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