मेजवां। दशहरा कमेटी की ओर से फूलपुर कस्बा में रविवार की रात भरत मिलाप का आयोजन किया गया। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ दर्जन भर से अधिक झांकियां निकाली गईं। जगह-जगह लंगर का आयोजन किया गया। बिरहा और रात्रि जागरण में रातभर लोग भक्ति के सागर में गोता लगाते रहे।
रामरथ पर प्रभुराम, लक्षमण, भरत, श़त्रुघ्न, हनुमान और मातासीता को बैठा कर भ्रमण कराया गया। जगह-जगह भगवान राम की आरती उतारी गई। कस्बे में श्रीराम-भरत का मिलन देख लोगों की आखें छलक आईं। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। रोडवेज पर भारतीय क्लब की ओर से झांकी नृत्य प्रस्तुत किया गया। शनीचर बाजार में रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। भरत-मिलाप की कड़ी में चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम रावण का वध कर लंका का राजपाठ सौंप कर पुष्पक विमान से अयोध्या लौट पड़े। भगवान राम के अयोध्या लौटने की खबर सुनकर पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड पड़ी। चौदह वर्ष से भगवान राम की खड़ाऊ को अयोध्या की राजगद्दी पर रख उनकी प्रतीक्षा कर रहे भरत आगमन की खबर सुन खुशी से रो पड़े। वे चल पड़े भगवान राम की अगुवाई को। पूरे नगर को सजाया गया और चारों ओर जय जयकार होने लगा। इसके बाद भगवान राम का धूमधाम से राज्याभिषेक कराया गया। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारे से नगर गूंज उठा।
धूमधाम से हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन
आजमगढ़। शहर, निजामाबाद, सगड़ी क्षेत्र में सोमवार को पूजा-पंडालों में स्थापित माता की प्रतिमाओं का विसर्जन का सिलसिला दोपहर से ही चालू हो गया। धूमधाम से गाजे-बाजे के बीच मां की प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ-साथ गाते-बजाते अबीर गुलाल उड़ाते मां के प्रतिमाओं का विसर्जन करने चल रहे थे। टोंस नदी में मां की प्रतिमाओं का श्रद्धा पूर्वक विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान काफी संख्या में फोर्स तैनात थी। फूलपुर क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में सोमवार को विजयदशमी का पर्व परम्परागत ढंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राम-रावण युद्व देखने आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रभु श्रीराम ने रावण के पुतले का दहन किया। बाद में विजय जुलूस निकाला गया। सगड़ी तहसील क्षेत्र के कई स्थानों पर दशहरा का पर्व समाप्त हो जाने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को रामगढ़ और जीयनपुर की पांच दुर्गा पूजा समितियों की ओर से प्रतिमा को दोहरीघाट के सरयू नदी के तट में विसर्जित किया गया। नगर पंचायत महराजगंज का विजयादशमी का मेला संपन्न हो गया। विभिन्न स्थानों की मूर्तियां सोमवार दोपहर बाद उठनी शुरू हो गईं। पुलिस की सुरक्षा में देर रात भैरो बाबा धाम पर विसर्जन किया गया।
बांसगांव में मेला आज
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के बासगांव में तीन अक्टूबर को दुर्गा पूजा का मेला लगेगा। इसके लिए मां दुर्गा पूजा सेवा समिति बासगांव की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पूजा पंडाल को भव्य तरीके से सजाया गया है। झालरों और दूधिया रोशनी से पूजा पंडाल जगमगा रहा है। मेले की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मेले के उपलक्ष्य में रात्रि को देवी जागरण का आयोजन किया गया है।