फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्यम, शिवम, सुंदरम लगाए जाने का हुआ प्रस्ताव

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ भवन के ऊपरी सतह पर लगे त्रिशूल और डमरु के चिन्ह को लेकर शनिवार को हुई बैठक में जमकर हंगामा हुआ। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की। अधिवक्ताओं के बीच अपशब्दों के बाण चले। इस दौरान कुछ वक्ताओं ने प्रतीक चिन्ह को बनाए रखने के साथ सत्यम, शिवम, सुंदरम को लिखे जाने की बात कही।
विज्ञापन

हंगामा उस समय हुआ जब संघ के पूर्व अध्यक्ष दयाराम यादव द्वारा लगभग लगभग ढ़ाई सौ अधिवक्ताओं की हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र पर चर्चा शुरु हुई। प्रार्थना पत्र में अधिवक्ताओं ने त्रिशूल और डमरु के चिन्ह का विरोध किया। इन अधिवक्ताओं का कहना था कि भवन के ऊपरी सतह पर अधिवक्ताओं के बैंड का लोगों होना चाहिए। बार के मंत्री विनय कुमार यादव ने दिए गए प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए इसके बारे में अधिवक्ताओं को अवगत करा रहे थे। इसी बीच हंगामा शुरु हुआ और विवाद हो गया और हंगामे के साथ तोड़-फोड़ एवं अपशब्दों के बाण चलने लगे। इसके बाद संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र ने विवाद को शांत कराया और पुन: बैठक में बारी-बारी से वकीलों ने भवन पर लगे त्रिशूल और डमरु पर अपनी राय रखी। अंत में संघ के अध्यक्ष ने भवन पर डमरु और त्रिशूल के साथ सत्यम, शिवम, सुंदरम, अंकित किए जाने का आश्वासन दिया।
-----
दो अधिवक्ताओं का हुआ निलंबन
शनिवार को अधिवक्ताओं की हुई हंगामेदार बैठक में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग और बार की संपत्ति की क्षति को लेकर अधिवक्ता अजय कृष्ण यदु और जलाल अहमद को तत्काल प्रभाव से संघ की सदस्यता से आजीवन निष्कासित किए जाने का फैसला अध्यक्ष ने सुनाया। कहा कि अधिवक्ता बांके लाल यादव द्वारा तोड़े गए शीशे को एक सप्ताह के अंदर नहीं लगवाया गया तो उनकी भी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। इसी दौरान संघ के अधिवक्ता राजबहादुर ने संघ द्वारा दिए गए फैसले विरोध में 28 अगस्त को अनशन किए जाने की घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें