आजमगढ़। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को आवास दिया जाना है, लेकिन संस्था ने अब तक सर्वे ही पूरा नहीं किया है। जिनका सर्वे हो गया है, उसे संबंधित नगर निकाय में जमा नहीं किया गया हैै। गुरुवार को मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने समीक्षा के दौरान लापरवाही पर संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आजमगढ़, मुबारकपुर, मेंहनगर सहित नौ निकायों में आवास के लिए पात्र व्यक्तियों से पिछले वर्ष आवेदन लिए गए थे। नवंबर 2016 में संस्था नामित हुई, जिसे मई 2017 तक पात्र/अपात्र का सर्वे करके देना था। लेकिन अब तक सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। गुरुवार को आयोजित बैठक में मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि आजमगढ़ का 10 सितंबर तक तथा शेष आठ नगर निकायों का तीन सितंबर तक सर्वे हर हाल में पूरा कराएं। उन्होंने डूडा के परियोजना अधिकारी को लापरवाही बरतने पर कार्यवाही को कहा। उन्होंने कहा कि नगरपालिका/पंचायत की वोटर लिस्ट से मिलान करें। कुल 21 हजार आवेदन पत्र का सर्वे शेष है। साथ ही जिनका सर्वे पूरा हो गया हैै उसे जमा कर दें और संबंधित अधिशासी अधिकारी इसका सत्यापन शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि मंडल के किसी नगर निकाय ने अभी तक जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इससे कार्य एवं भुगतान में विलंब हो रहा है। इसे तत्काल कराएं। अमृत योजना की समीक्षा में उन्होंने पेयजल, सीवर की व्यवस्था, पार्क निर्माण तथा चौराहों का विकास, सुंदरीकरण, साइन बोर्ड आदि लगाने का निर्देश दिया। नगर निकायों द्वारा संचालित स्वच्छता अभियान पर उन्होंने कूड़ा उठान पर बल दिया। इसके लिए प्रत्येक नगर निकाय में डंपिंग ग्राउंड चिह्नित कर उसे बाउंड्री वाल से घेरने का निर्देश दिया। साथ ही सभी सुअर मालिकों को चिह्नित कर उन्हें अपने सुअरों को बाड़े में रखना का निर्देश दिया। उन्होंने नगर निकायों को 21 दिन के भीतर संपत्ति रजिस्टर तैयार कर सत्यापन कराने का निर्देश दिया। बैठक का संचालन अपर आयुक्त राजेंद्र प्रसाद ने किया। इस अवसर पर एडीएम लवकुश त्रिपाठी, महेंद्र सिंह, दिनेश विश्वकर्मा, गरीमा सिंह सहित आदि उपस्थित रहे।