पढ़ाने का तरीका रोचक बनाने को दिया प्रशिक्षण
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मेंहनगर विकास खंड के जूनियर हाईस्कूल में शुक्रवार को बीएसए ने शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा छह के छात्र से ‘17 में सात से गुणा करने के लिए कहा तो उसने उत्तर में 21 बताया।’ यह सुनकर वह हतप्रभ रह गए। इसी तरह से अन्य विषयों में छात्र कोई उत्तर नहीं दे सके। इस पर उन्होंने तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया और प्रधानाध्यापक को प्रतिकूल टिप्पणी जारी की।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी परमहंस सिंह यादव कक्षा छह के छात्र से 69 और 89 में कितने अंक का अंतर है पूछा। जिसे वह नहीं बता पाया। एक छात्र ने बताया कि 11 अंक का अंतर है। इसके बाद उन्होंने दूसरे छात्र को 17 में सात से गुणा करने के लिए कहा तो उसने उत्तर में 21 बताया।
इसके बाद उन्होंने छात्रों से ब्लैक बोर्ड को अंग्रेजी में लिखने के लिए कहा लेकिन कोई भी छात्र नहीं लिख सका। छात्र से कुर्सी को अंग्रेजी में क्या कहा जाता है और उसकी स्पेलिंग पूछी लेकिन वह नहीं बता सके। एक छात्र से शिक्षक की अंग्रेजी पूछी लेकिन वह भी नहीं बता पाया। इस पर उन्होंने विषय शिक्षक दीपक कुमार त्यागी को निलंबित कर दिया। कक्षा सात में उन्होंने छात्रों से 1/7 और 1/4 में कौन भिन्न छोटी है, पूछा लेकिन कोई भी छात्र नहीं बता सका।
इस पर उन्होंने शिक्षक राघवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। कक्षा आठ में उन्होंने छात्रों से संस्कृत के भेद कितने प्रकार के होते हैं, छात्र नहीं बता सके। उन्होंने छात्रों से गणित के भी सूत्र पूछे लेकिन कोई छात्र नहीं बता सका। इस पर उन्होंने शिक्षक रामाश्रय को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही शिथिल कार्य के लिए उन्होंने प्रधानाध्यापक रामनाथ सिंह को प्रतिकूल टिप्पणी दी।