ग्राम पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में प्रधान और सदस्य पद के लिए मतदान शनिवार को छिटपुट घटनाओं के बीच संपन्न हो गया। छह ब्लाॅकों में हुए चुनाव में शाम को मतदान की समाप्ति पर 65.72 प्रतिशत वोटरों ने अपने मत का इस्तेमाल किया। हालांकि पूरे दिन अधिकारियों और कंट्रोल रूम के फोन फर्जी वोटिंग को लेकर घनघनाते रहे। हालांकि जांच में ज्यादातर शिकायतें निराधार निकलीं। दो चरणों में हुई छिटपुट घटनाओं को देखते हुए प्रशासन काफी मुश्तैद रहा।
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में शनिवार को छह ब्लाकों अतरौलिया, अहरौला, फूलपुर, पवई, मार्टीनगंज और मिर्जापुर में मतदान का कार्य संपन्न हुआ।
मतदान को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी सुहास एलवाई, पुलिस अधीक्षक राकेश चंद साहू मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। इस दौरान मतदान केंद्रों के बाहर बेवजह जमा भीड़ को खदेड़ा भी गया। निरीक्षण के के दौरान फूलपुर विकास खंड के ऊदपुर बूथ पर एक व्यक्ति को फर्जी मतदान करते धर दबोचा गया। उसकी पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
अहरौला ब्लाक के बिहरा बुजुर्ग बूथ की सूची गड़बड़ होने के कारण एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। वहीं मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण फूलपुर विकास खंड के बखरा में दो घंटे देरी से मतदान शुरू हुआ। मिर्जापुर ब्लाक के संजरपुर स्थित बूथ नंबर 52 पर महिलाओं द्वारा फर्जी वोट डालने की शिकायत मिली और महिला पुलिस कर्मियों की मांग की गई।
मार्टीनगंज विकास खंड के रैचंद खुरचवा और सहिजनवां में फर्जी वोटिंग को लेकर प्रत्याशी समर्थकों में मारपीट हो गई। वहीं अहरौला के प्राथमिक विद्यालय अलौवा में पूर्व प्रधान द्वारा पीठासीन अधिकारी को डराने धमकाने की शिकायत मिली। वहीं अहरौला ब्लाक के अमदीलिया बूथ पर जाने के लिए मतदाताओं को तीन किमी पैदल सफर करना पड़ा क्योंकि सुरक्षा कर्मियों द्वारा मतदान केंद्र से काफी पहले ही लोगों को वाहन ले जाने से रोक दिया गया। वहीं पवई लाडपुर में फर्जी वोटिंग करने आए युवक को पुलिस ने पकड़ा। तीसरे चरण का मतदान संपन्न होने के बाद मतदान कर्मी मतपेटियों के साथ स्ट्रांग रूम की ओर रवाना हो गए।