जनपद के जहानागंज के गांव डीहा स्थित एक ईंट भट्ठे पर 64 मजदूरों को महीनों से बंधक बनाकर रखा गया है। न उन्हें मजदूरी दी जा रही है और जाने की बात पर मारपीट की जा रही है। वहीं भट्ठा स्वामी का कहना है कि ठेकेदार पूरे रुपये ले चुका है। भट्ठे से किसी तरह जान बचाकर भागे छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ और दो अन्य श्रमिकों ने छत्तीसगढ़ और यूपी के मुख्यमंत्री के साथ ही मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मानवाधिकार आयोग से की है। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ ने बताया है कि ठेकेदार लक्ष्मी प्रसाद निवासी सिलयारी थाना बिलहा जनपद बिलासपुर और राजकुमार मंडल निवासी सोनाडीह, बलोदा बाजार छत्तीसगढ़ मजदूरों को लेकर भट्ठे पर आए थे। मजदूरों के गुट में 41 महिला और पुरुष मजदूर, तीन बाल मजदूर और 20 आश्रित शामिल हैं।
इनकी मजदूरी 500 रुपये प्रति हजार तय थी। मजदूरी 50-60 हजार रुपये होते हैं। लेकिन उन्हें खुराकी के नाम पर 10-15 हजार रुपये ही दिए गए हैं। भट्ठा स्वामी से बकाया रुपये मांगने पर कहा जाता है कि ठेकेदार पहले ही उनके नाम पर पांच से सात लाख रुपये ले चुका है। उन ठेकेदारों का अब पता नहीं है।
मजदूर जाने की बात कहते हैं तो उनके साथ मारपीट की जा रही है। थाने में रिपोर्ट लिखवाने के लिए जाने पर धमका कर भगा दिया जाता है। भट्ठा मालिक की ओर से चौकीदार लगाकर उनकी निगरानी कराई जा रही है।
ऐसी शिकायत अभी संज्ञान में नहीं आई है। यदि ऐसा है तो मौके पर टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही निकले तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी
कई गर्भवती और कई बीमार
शिकायत में कहा गया है कि मजदूरों के गुट में कुछ महिलाएं सात से आठ माह की गर्भवती हैं। इसके साथ ही कई मजदूर बीमार हैं। इनके इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जहां पर वे रहते हैं वहां पानी की निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
ये मजदूर हैं शामिल
जहानागंज के डीहा स्थित भट्ठे में जिन मजदूरों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है उसमें राम कलेश, दिनेश, देवदास, रामलाल, गौतम, कमल, राजकुमार, हिमांशु, अजय, देवनाथ, देवचंद्र, चंद्रिका, प्रकाश, देवचरण, शिवचरण, योगेश आदि सभी छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।