आजमगढ़। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और जिला प्रशासन के सहयोग से चल रहे चार दिवसीय संभागीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन शुक्रवार को राहुल प्रेक्षागृह में प्रयास रंगमंडल लखनऊ की टीम ने ‘संक्रमण’ नाटक का मंचन किया। नाटक में बाप-बेटे के जरिये पीढ़ियों के अंतर को दर्शाया गया और अंतर से रिश्तों में उपजी समस्या को बड़े ही यथार्थवादी तरीके से उकेरा गया।
अश्वनी मक्खन द्वारा निर्देशित ये नाटक कामतानाथ प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी ‘संक्रमण’ पर आधारित है। कहानी में जहां पिता को बेटे की दिनचर्या पर आपत्ति है, तो बेटे को पिता की सोच पर। मां कभी पिता को समझाती है कभी बेटे को, लेकिन पिता की मौत के बाद बेटे को एहसास होता है कि उसकी सोच व हरकतें भी पिता जैसी ही बन रही है। यह संक्रमण ही पीढ़ी के अंतराल को खत्म कर देता है। एकल प्रस्तुति को मंच पर सोमेंद्र प्रताप सिंह ने प्रस्तुत किया। मंच नेपथ्य की जिम्मेदारी जितेंद्र, रामकुमार, दीपक, मोहित, सुधांशु सावंत, करुणा सागर ने बखूबी निभाई। उत्तर प्रदेश जनजाति व लोक कला के मनोनीत सदस्य हीरा शर्मा ने निर्देशक को अकादमी के स्मृति चिह्न से सम्मानित किया।