बूढ़नपुर। सरकार द्वारा गरीबी रेखा के नीचे के पात्र व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत राशन वितरण की व्यस्था लागू की गई। सरकार ने राशन वितरण की पारदर्शिता के लिए आधार लिंक की घोषणा की। लेकिन सरकारी राशन दुकानों से राशन लेने के लिए आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक कराने के लिए उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खाद्य एवं रसद आयुक्त ने 17 जुलाई 2017 को एक निर्देश जारी कर राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों का आधार कार्ड लिंक करने का निर्देश दिया था। इतना ही नहीं आयुक्त ने विशेष कैंप लगाकर योजना को अमल में लाने का निर्देश दिया ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते अभी तक ऐसा न हो सका। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा आधार लिंक कराने के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई है। बूढ़नपुर तहसील के ब्लाक कोयलसा के 87 ग्रामसभा और अहरौला की 94 ग्रामसभा और अतरौलिया के 67 ग्रामसभा के लिए मात्र एक कंप्यूटर आपरेटर की नियुक्ति की गई है जो ब्लाक परिसर से 26 किमी दूर है। भीड़ के मुताबिक आपरेटर नियुक्त नहीं किए गए हैं पूरे दिन मात्र 10 से 15 आधार कार्ड को ही लिंक किया जाता है। यही हाल रहा तो राशन के लिए आधार लिंक कराने में कई साल बीत जाएंगे। सरकार द्वारा राशन कार्ड के लिए पात्र व्यक्तियों के लिए कुछ मानक बनाए हैं जैसे वह व्यक्ति जिसके पास चार पहिया वाहन है। घर में एसी और पांच केवीया उससे अधिक का जनरेटर है। परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया का आवासीय फ्लैट है। शस्त्र लाइसेंस होने या परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कारपेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होने पर उसे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया है। लेकिन मानक के विपरीत अपात्र व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। लगभग 80प्रतिशत अपात्र व्यक्तियों को राशन वितरित किया जाता है। विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर विकास सिंह का कहना है कि राशन कार्ड में काफी अनियमितता पाई जा रही है जिसके चलते पात्र और अपात्र का चयन कर पाना बड़ा ही मुश्किल दिखाई दे रहा है। लेकिन आधार लिंक होते ही खामियां दूर हो जाएंगी। लेकिन तकनीकी खामियों के चलते आधार कार्ड लिंक करने में दिक्कत हो रही है।