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ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील करने के साथ करो निर्माण

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आजमगढ़। आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से ग्रीन लैंड और कृषि क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों के हौसले बुलंद हैं। आदेश ठेंगे पर हैं और इससे इतर पद के जिम्मेवार खुद के छुट्टी पर होने की बात कह कर इतिश्री कर रहे हैं।
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नगर के ठंडी सड़क स्थित ग्रीन लैंड में स्थित होटल मानसरोवर के ध्वस्तीक रण का आदेश वर्ष 2016 में उस समय हुआ था जब निर्माण अभी थोड़ा ही हुआ था। तत्कालीन एडीए सचिव ने इस आदेश को जारी किया था। इसके बाद होटल मानसरोवर के मालिक प्रेम प्रकाश यादव ने मंडलायुक्त की अदालत में इस फैसले के खिलाफ अपील किया। मंडलायुक्त के यहां आज भी यह प्रकरण लंबित है। उधर मंडलायुक्त के यहां अपील करने के बाद होटल मानसरोवर का निर्माण पूरा कर लिया गया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से होटल में व्यावसायिक गतिविधि भी शुरू हो चुकी है। अमर उजाला ने इस खबर को उठाया तो विभाग ने मामला लंबित होने के कारण होटल संचालक को भवन के सामने से बोर्ड को उतारने का नोटिस जारी किया। लेकिन नोटिस जारी हुए भी 10 दिन का समय बीत चुका लेकिन अब तक होटल संचालक द्वारा एडीए के निर्देशों को धता बताते हुए बोर्ड को उतारा नहीं गया है। जनपद में इसी तरह के कई मामले हैं जिनमें तत्कालीन एडीए सचिव द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया। लेकिन आज उनके स्थान पर गगनचुंबी इमारत खड़ी हो चुकी है। एडीए सचिव बाबू सिंह ने कहा था कि एक हफ्ते में वह अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। लेकिन इस बात को 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका लेकिन अभी तक एडीए का बुलडोजर कहीं चलता नहीं आया। अलबत्ता एडीए सचिव बाबू सिंह छुट्टी लेकर गायब हो गए। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि होटल मानसरोवर को बोर्ड हटाने की नोटिस जारी की गई थी। अब इसका क्या हुआ मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं छुट्टी पर हूं वापस आने के बाद ही कुछ बता सकूंगा।
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