आजमगढ़। जिले में हरियाली लाने की विभागीय कवायद कागजों में सिमटती दिख रही है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पता चलेगा कि ग्राम्य विकास विभाग, उद्योग विभाग, पीडब्ल्यूडी, पालिका, बेसिक शिक्षा विभाग का पर्यावरण संरक्षण के प्रति बिल्कुल ध्यान ही नहीं है। इन्हें वर्ष 2017-18 में 30 सितंबर तक 433850 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अभी तक मात्र 81839 पौधे लगाए जा सके हैं। ये स्थिति तब है जब सरकार और जिला प्रशासन की ओर से हमेशा कार्यक्रम का आयोजन कर पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई जाती है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में वन विभाग की ओर से प्रदेश स्तर पर पिछले सरकार में लगाए गए छह करोड़ पौधे के रखरखाव और वित्तीय वर्ष 2017-18 में पांच करोड़ नये पौधे लगाने का लक्ष्य बनाया गया था। इसमें इस वर्ष वन विभाग को एक जुलाई से 30 सिंतबंर के दौरान दो लाख 56 हजार पौधे लगाने थे। वन विभाग की ओर से तो शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया, लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष अन्य विभाग इसमें फिसड्डी साबित हुए हैं। दूसरे विभागों को इस वर्ष 433850 पौधों को लगाने का लक्ष्य था, लेकिन ये विभाग जिले में हरियाली लाने के प्रति कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समय सीमा समाप्त होने वाली है और सिर्फ 81839 पौधे ही लगाए गए हैं। ये लक्ष्य का मात्र 18 फीसदी है।
उद्यान और भूमि विकास विभाग ने दिखाई जिम्मेदारी
आजमगढ़। पौधरोपण में जहां प्रमुख विभाग के अधिकारी फिसड्डी साबित हुए हैं, वहीं, कुछ विभागों के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भी किया है। लक्ष्य के सापेक्ष उद्यान विभाग ने जहां 80701 पौधे लगवाएं हैं, वहीं रेशम विभाग भी लक्ष्य के काफी करीब रहा है। भूमि विकास एवं जल संसाधन विकास विभाग ने तो लक्ष्य न मिलने के बाद भी चार हजार से ज्यादा पौधे लगवाए हैं।
वन विभाग ने रोपे लक्ष्य से ज्यादा पौधे
आजमगढ़। वन विभाग ने भी लक्ष्य से ज्यादा पौधे रोपकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। विभाग को एक जुलाई से 30 सितंबर को दौरान दो लाख 56 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष लगभग दो लाख 59 हजार पौधे रोपे गए हैं। इसमें शीशम, शोभा वाले, छायादार और फलदार पौधे लगाए हए हैं।
पौधों के रख रखाव में भी फेल
आजमगढ़। इस पौध रोपण ही नहीं विभिन्न विभागों को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना में पिछले वर्ष लगाए गए छह करोड़ पौधे के रख रखाव की जिमेमदारी भी सौंपी गई थी। विभागों को कुल एक लाख से ज्यादा पौधों को संरक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन विभाग इसमें भी फेल साबित हुए हैं। विभिन्न विभागों की ओर से मात्र 10 हजार पौधों को संरक्षित करने की रिपोर्ट नोडल विभाग वन विभाग को सौंपी गई है। पौधों को संरक्षित करने में मात्र भूमि विकास एवं जल संरक्षण, सहकारिता और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से ही कुछ रुचि दिखाई गई है। ग्राम्य विकास, कृषि, सिंचाई, लोक निर्माण, उद्यान, बेसिक शिक्षा विभाग की प्रगति शून्य रही है।
अन्य विभागों को सौंपे गए पौधरोपण कार्य की प्रगति काफी कम रही है। इसके साथ ही कई विभागों ने अपनी प्रगति से अवगत भी नहीं कराया है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
एसएन मिश्रा, डीएफओ