मेंहनगर। सरकार ने सब्सिडी की राशि में गड़बड़ी को दूर करने और किसानों के खाते में सीधे सब्सिडी का पैसा भेजने की योजना बनाई। लेकिन आज यही योजना किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। क्योंकि मेंहनगर विकास खंड के किसानों ने सब्सिडी पर दवा कृषि रक्षा इकाई मेंहनगर से लिया था। इस बात को एक वर्ष बीत गए लेकिन अभी तक उनके खाते में सब्सिडी नहीं पहुंची है।
मेहनगर विकास खंड पर स्थापित कृषि रक्षा ईकाइ केंद्र से किसानों ने एक वर्ष पूूर्व कीटनाशक दवाएं जैसे मोनो जिंक, जेड अठत्तर, डाई थेनेइम 45 आदि खरीदी थी। इन पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की व्यवस्था थी। क्षेत्र के 304 किसानों ने आवश्यक अभिलेख जमाकर इन दवाओं की खरीदारी की थी। केंद्र प्रभारी द्वारा उनसे कहा गया था कि सब्सिडी सीधे उनके खाते में पहुंचेगी। लेकिन एक वर्ष से अधिक का समय हो गया लेकिन अभी तक सब्सिडी किसानों के खाते में नहीं पहुंची है। किसान प्रतिदिन कृषि रक्षा इकाई का चक्कर काटने कोक मजबूर हैं। उन्हें वहां से भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी ढुक्कू विश्वकर्मा ने बताया कि सब्सिडी के लिए किसानों का डाटा तैयार कर बैंकों को भेज दिया गया है लेकिन अभी तक सब्सिडी नहीं आई है। किसानों की इस समस्या से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। किसान सोहन, लक्षिराम, अनिल, रामदेव, स्वारथ, राम जतन, अखिलेश, साहबराज, कल्पू आदि ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सब्सिडी दिलाने की मांग की है।