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जलकल का जनरेटर बना शो-पीस

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आजमगढ़। पछले एक माह से नगरपालिका की ओर से पानी की सप्लाई व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली न रहने पर लोगों को सरकारी हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ता है। अगर बिजली कट जाती है तो लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ता है।
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मंगलवार की रात जो बिजली कटी बुधवार की पूर्वाह्न लगभग 11 बजे आई। इस दौरान शुद्ध पानी के लिए लोग भटकते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी जीवित पुत्रिका व्रत रखने वाली महिलाओं को हुई। लोगों का कहना है कि पिछले एक माह से यही स्थिति है। बिजली रहती है तो पानी आता है। जैसे ही बिजली गायब होती है, पानी भी नहीं मिलता है। हम लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की तरफ से जलकल में बिजली न रहने पर ट्यूबवेल चलाने के लिए जनरेटर लगाय गया है। जनरेटर मात्र शो-पीस बनकर रह गया। वहीं विभाग के कर्मचारी डीजल का रोना रोते हैं।
कुंदीगढ निवासी राजन गोंड़ का कहना हैं कि जब भी बिजली की कटौती होती हैं तो पानी के लिए तरसना पड़ता है। पहले बिजली न रहने पर भी पानी की सप्लाई होती थी। लेकिन एक माह से बिजली जाती है तो पानी भी नहीं आता है। उन्होंने बताया कि जलकल में जनरेटर लगा है। लेकिन कर्मचारी उसे चलाते ही नहीं हैं।
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कुंदीगंढ निवासी रूखसाना ने बताया कि पानी के लिए हम लोगों को बहुत परेशान होती है। बिजली न रहने पर सरकारी हैंडपंप पर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पेयजल की इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले यह समस्या नहीं थी। बिजली रहे या न रहे पानी की सप्लाई होती थी।
सभासद कुंदीगढ़ पिंकी भारती ने बताया कि जलकल में ट्यूबवेल चलाने के लिए जनरेटर रखा है। लेकिन वहां के कर्मचारियों का कहना है कि डीजल नहीं मिलता है। इसलिए बिजली कटने पर ट्यूबवेल नहीं चल पता है। जिससे बिजली न रहने पर लोगों को पानी नहीं मिल पाता है।
अवर अभियंता संजय वर्मा ने कहा कि हमने जनरेटर चलाने के लिए आपरेटर रखा हैं और सूचना हमको मिलती हैं तो जनरेटर चलाकर लोगों को पानी की आपूर्ति की जाती हैं। आपरेटर की लापरवाही के कारण जनरेटर नहीं चल रहा है। इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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