आजमगढ़। एनजीटी के निर्देश पर तमसा के किनारे एडीए द्वारा 75 मीटर परिधि में हुए निर्माणों को चिन्हित करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। सराय मंदराज से लेकर अइनियां तक कुल 606 निर्माण इस दायरे में आए हैं। जिनके ऊपर निशान लगा दिया गया है। अब एडीए सभी को नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
भारत रक्षा की शिकायत पर जनपद में तमसा नदी के प्रदूषण की जांच करने पहुंची एनजीटी अनुश्रवण समिति की टीम ने नदी के शहर में प्रवेश और बाहर निकलने तक कई स्थानों पर पानी का नमूना लिया था। जिसमें पानी प्रदूषित मिला। जिसे गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने तमसा नदी के दोनों किनारों से 75 मीटर तक हुए निर्माण को हटाने का निर्देश दिया है। उनके इस निर्देश पर एडीए की टीम लगभग 15 दिनों से चिन्हांकन कार्य में जुटी थी। जो अब पूरा हो चुका है। चिन्हांकन का कार्य सराय मंदराज से लेकर अइनियां तक चला। इस दौरान नदी के किनारे से 75 मीटर की परिधि में कुल 606 निर्माण आए। इनमें मंदिर, मस्जिद, धर्मशाला, होटल, अस्पताल, मॉल के अलावा आवासीय भवन शामिल हैं। चिन्हित करने वाली टीम में एडीए के जई रमाशंकर वर्मा व ड्राफ्टमैन बृजभूषण विश्वकर्मा आदि शामिल थे। एडीए सचिव बाबू सिंह ने बताया कि चिन्हांकन के बाद तैयार हुई रिपोर्ट को डीएम को सौंपा जाएगा। इसके बाद उनके निर्देश पर अवैध आवासों को ढ़हाने का कार्य किया जाएगा।
अफोर्डेबल आवास की जमीन पर बने पार्क
आजमगढ़। जिला प्रशासन की ओर से एडीए को अफोर्डेबल आवास के निर्माण के लिए सिधारी पर जमीन उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन यह जमीन एनजीटी के निर्देश के अनुपालन में 75 मीटर के दायरे में आ गई। जिसके कारण इस जमीन पर अब अफोर्डेबल आवास का निर्माण नहीं हो सकता है। तब हमारी ओर से इस जमीन पर पार्क बनाने का सुझाव डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह को दिया गया था। डीएम ने भी इस सुझाव को सही मानते हुए जमीन का निरीक्षण करने के बाद ही निर्णय लेने की बात कही थी।