सीजेएम कोर्ट में पेसी के लिए सीमी के संस्थापक सदस्य शाहीद बद्र को ले जाती गुजरात पुलिस।
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आजमगढ़। गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तार प्रतिबंधित संगठन सिमी के निवर्तमान अध्यक्ष शाहिद बद्र फलाही को दूसरे दिन शुक्रवार को ट्रांजिट रिमांड के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने एक-एक लाख रुपये के दो जमानतदार और शाहिद के लिए एक लाख रुपये का व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिए। साथ ही निर्देश दिया कि निर्धारित एक माह के भीतर शाहिद संबंधित कोर्ट में हाजिर होगा।
शाहिद की तरफ से बंध पत्र दाखिल किए जाने के दौरान गुजरात पुलिस और अभियोजन अधिकारी ने विरोध किया। जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने प्रयोजनल आधार पर इस शर्त पर किया कि अभियुक्त सामान्य निवास स्थान से बिना संबंधित थाने की पुलिस की अनुमति के बाहर नहीं जाएगा। एक सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में हाजिर होगा। इस अवधि में वह शहर कोतवाली पुलिस की निगरानी में रहेगा। आदेश की एक प्रति अनुपालन हेतु संबंधित थानाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई। जिसे आरोपी ने स्वीकार कर लिया।
बता दें कि शाहिद बद्र फलाही के खिलाफ गुजरात प्रदेश के भुज कच्छ के भुज सिटी थाने में प्रतिबंध के बावजूद साल 2001 में धार्मिक सम्मेलन करना, लोगों को भड़काने सहित अन्य तरह के आरोप के तहत केस दर्ज किया गया। इसमें शाहिद के अलावा कुल 18 लोग आरोपी हैं। शाहिद बद्र फलाही के विरुद्ध कोर्ट द्वारा पांच अक्तूबर 2012 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन उसका पता न मिलने की वजह से पुलिस ढूंढ नहीं पा रही थी। गुरुवार की देर शाम पुलिस शाहिद बद्र फलाही को खोजते हुए आजमगढ़ शहर पहुंची और उसको क्विनिक के पास से गिरफ्तार कर ली। शुक्रवार को शाहिद बद्र को अदालत में पेश किया गया। जिस अदालत ने यह फैसला सुनाया। शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए शाहिद बद्र को सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही प्रतिदिन थाने में आकर हाजिरी लगाने का निर्देश दिया गया है।