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53.6% ने लॉक किया फैसला

Fri, 30 Oct 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे चरण में छिटपुट घटनाओं के बीच 53.65  प्रतिशत मतदान हुआ। सुबह से लेकर मतदान की समप्ति तक होती रही बूंदाबांदी से वोट प्रतिशत पहले से कम रहा।
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बरसात के नाते अस्थाई बूथों को बदलने में भी  मतदानकर्मियों की अच्छी खासी फजीहत हुई। टेंट में बनाए गए तीन अस्थाई बूथों पर  प्लास्टिक डालकर मतदान कराया गया।

फर्जी वोटिंग को लेकर प्रशासनिक अमला एक  से दूसरे बूथ का चक्कर लगाता रहा। वहीं मेंहनगर के फिनीहिनी बूथ पर फर्जी मतदान  को लेकर प्रत्याशी समर्थकों में मारपीट हो गई।
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वहीं पल्हना के  धरनीपुर-रानीपुर जिला पंचायत सीट पर प्रत्याशी समर्थकों ने बूथ कैप्चरिंग  की सूचना देकर सनसनी फै दी। मतदान की पूर्व संध्या पर ठेकमा ब्लाक  में दो प्रत्याशी समर्थकों के बीच चली गोली को लेकर दूसरे दिन भी पुलिस  प्रशासन चौकन्ना नजर आया।

ठेकमा विकास खंड के बूथों पर भारी संख्या में  फोर्स मौजूद रही। कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसपी बूथों का जायजा लेते रहे। मेहनगर, लालगंज, ठेकमा, पल्हना और तरवां संवाददाता के मुताबिक, गुरुवार को चौथे चरण के लिए जिले में पांच ब्लाकों में सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई।

सुबह नौ बजे 6.85 प्रतिशत वोट पोल हुए थे। इसी तरह 11 बजे 17.60 प्रतिशत, दोपहर एक बजे तक मतदान प्रतिशत 32.70 तक पहुंच गया।

शाम तीन बजे 46.20 वोट पोल हुए। शाम पांच बजे तक 53.65 प्रतिशत वोट डाले गए। वहीं ठेकमा खंड में बुधवार को दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच चली गोली के कारण ठेकमा के बूथों पर भारी मात्रा में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

इसके कारण किसी ने भी बूथ पर किसी तरह की गड़बड़ी करने की कोशिश भी नहीं की। वहीं इस क्षेत्र पर अधिकारियों की भी विशेष नजर बनी हुई थी।

आला अधिकारी क्षेत्र के बूथों पर बराबर चक्रमण करते रहे। हालांकि चुनाव के दौरान सुबह से शाम तक एक दो घटनाओं को लेकर कोई बड़ी घटना नहीं हुई। लेकिन फिर भी अधिकारी मौके पर डटे रहे।

मेंहनगर के फिनीहिनी बूथ पर फर्जी वोटिंग को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। वहीं कई स्थानों पर गड़बड़ी की शिकायत मिली लेकिन जांच के दौरान शिकायत निराधार निकली।

अन्य चरणों की अपेक्षा इस चरण में मतदान को लेकर प्रशासन ने राहत की सांस ली मगर देर शाम महराजगंज के मुड़ीलपुरा में प्रधान एवं अधिवक्ता की हत्या ने प्रशासन और पुलिस के चेहरे पर बल जरूर डाल दिया।
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