जहानागंज। लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ के अंतर्गत आने वाले बूथ संख्या 337 प्राथमिक विद्यालय करऊत पर रविवार को पुनर्मतदान हुआ। पुनर्मतदान में 4.20 प्रतिशत वोटिंग बढ़ गई। 12 मई को जहां कुल 1023 वोटरों में से 537 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, वहीं पुनर्मतदान में मात्र 43 वोट ही अधिक पड़े। समाजवादी पार्टी की शिकायत पर आयोग ने इस बूथ पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया था।
करऊत बूथ पर पुनर्मतदान के लिए सुबह ही मतदाताओं की लंबी लाइन लग गई थी। सुबह के समय ही रिपोलिंग वाले इस बूथ पर लाइन लगी थी। इसके बाद शाम छह बजे मतदान समाप्ति तक इक्का-दुक्का ही बूथों पर पहुंच कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 12 मई को हुई पोलिंग में इस बूथ पर लगी वीवीपैट काम नहीं कर रही थी। इसके बाद भी पीठासीन अधिकारी ने पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करा ली थी। इसकी जानकारी होने पर समाजवादी पार्टी की तरफ से इसकी शिकायत की गई। इस शिकायत पर जिला प्रशासन ने आयोग को पत्र लिख कर पुनर्मतदान का अनुरोध किया। आयोग से दिशा निर्देश मिलने रविवार को आजमगढ़ लोकसभा सीट अंतर्गत आने वाले मुबारकपुर विस के बूथ संख्या 337 प्रावि करऊत पुनर्मतदान कराया गया। इस बूथ के मतदान प्रतिशत में कोई खास बढ़ोत्तरी नजर नहीं आई। 12 मई को हुए मतदान में जहां इस बूथ पर 52.49 प्रतिशत मतदान हुआ था वहीं रविवार को हुए पुनर्मतदान में यह आंकड़ा मात्र 4.20 प्रतिशत बढ़ कर 56.69 प्रतिशत हो गया। प्रेक्षक पेंबा टेसरिंग शेरपा भी पुनर्मतदान के दौरान बूथ पर पहुंच कर निरीक्षण किया। मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम आदि लेकर एफसीआई बेलइसा स्थित स्ट्रांग रूम पहुंचे जहां ईवीएम स्ट्रांग रूम में जमा करायी गई।
प्रेक्षक ने ली बीएलओ की क्लास
बूथ संख्या 337 पर निरीक्षण के लिए पहुंचे प्रेक्षक पेंबा टेसरिंग शेरपा को पता चला कि कुल पड़े 580 वोट में मात्र 122 वोटर ही ऐसे थे जो मतदाता पर्ची लेकर बूथ पर पहुंचे थे। अन्य मतदाताओं का नाम मतदान कार्मिकों ने सूची से देखने के बाद पहचान पत्र देख कर वोटिंग कराया। कई मतदाताओं ने मतदाता पर्ची न मिलने की भी बता कही। इस पर प्रेक्षक भड़क उठे और मौके पर मौजूद बीएलओ सरिता शर्मा व रूमा चतुर्वेदी की जम कर क्लास ली। प्रेक्षक ने कहा कि आप लोगों ने मतदाता पर्ची बांटी ही नहीं, जिसके चलते पुनर्मतदान में भी कम वोटिंग हुई।