आजमगढ़। चुनाव में ड्यूटी करने से बचने के लिए अब बीमारी का बहाना नहीं चलेगा। ऐसे लोग लवास्थ्य खराब होने या पुरानी बीमारी का हवाला देकर ड्यूटी न करने के लिए प्रार्थना पत्र देंगे उनकी मेडिकल जांच होगी। इसके लिए सीडीओ ने कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। सीएमओ के नेतृत्व में गठित कमेटी इनका स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी बीमारी की सत्यता परखेगी।
लोकसभा चुनाव 2019 को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन को 20,400 मतदान कर्मियों की जरूरत है। जिला प्रशासन की ओर से 22,000 कर्मियों को चयनित किया गया है। लेकिन इसमें सैकड़ों कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी ड्यूटी लगी नहीं कि उसे कटवाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर काटना शुरू कर दिए हैं। अब तक सैकड़ों आवेदन ड्यूटी कटवाने के लिए आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों ने बीमारी का हवाला देते हुए खुद को अक्षम बताया है। इनकी अधिक संख्या को देखते हुए सीडीओ गंभीर हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को ड्यूटी से मुक्त करने से पहले इसकी सत्यता का पता करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया है। यह टीम आवेदकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। सीडीओ डीएस उपाध्याय ने बताया कि इस जांच के लिए तीन कैटेगरी निर्धारित है। पहली कैटेगरी होगी उत्तम, दूसरी मध्यम और तीसरी अधम। इन तीनों कैटेगरी में ही इनकी जांच कर कमेटी रिपोर्ट देगी। उसके आधार पर ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।