आजमगढ़। शहर क्षेत्र में मार्निंग वॉक व बच्चों के खेलने कूदने के लिए कोई बेहतर स्थान नहीं है। कहने को दो-तीन पार्क है, लेकिन उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि लोग वहां मार्निंग वॉक आदि के लिए जाएं। एक कुंवर सिंह उद्यान में ही सुबह में लोग टहलने के लिए पहुंचते है। ऐसे में जिलाधिकारी के सुझाव पर अमृत योजना के तहत पांच स्थानों पर पार्क निर्माण के लिए शासन को डीपीआर भेजा गया था, जिसे शासन की राज्य स्तरीय टेक्निकल कमेटी ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही टेंडर आदि की प्रक्रिया पूर्ण करा कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। शहर की जीवनदायिनी के रुप में जानी जाने वाली पवित्र तमसा नदी की सफाई के दौरान ही जिलाधिकारी ने नदी तट पर स्थित प्रमुख घाटों एकलव्य घाट सिधारी, गौरीशंकर घाट, भोला घाट व कदम घाट पर पार्क का निर्माण कराने का सुझाव दिया था। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी के इसी सुझाव पर अमृत योजना के तहत पांच पार्कों का डीपीआर तैयार कर शासन को अनुमति के लिए भेजा गया। राज्य सरकार की टेक्निकल कमेटी की 19वीं बैठक में दो पार्को एकलव्य घाट एक और दो को मंजूरी मिल गई। इसमें एक पार्क के लिए 1.33 करोड़ तो दूसरे के लिए 95 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। वहीं, कमेटी की 20वीं बैठक में तीन और पार्कों गौरीशंकर घाट, कदम घाट व भोला घाट को भी मंजूरी दे दी गई। गौरीशंकर घाट पर 1.33 करोड़, भोला घाट पर 91 लाख और कदम घाट पर 1.65 करोड़ की लागत से पार्क का निर्माण कराया जाएगा। गौरीशंकर घाट पर 21 सौ वर्ग मीटर और कदम घाट पर 2380 वर्ग मीटर में पार्क का निर्माण कराया जाएगा। अमृत योजना के अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट सौरभ सिंह ने बताया कि जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर पार्क का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
पार्कों में रहेगी यह सुविधाएं
आजमगढ़। तमसा तट पर पांच स्थानों पर बनने वाले पार्को को हर दृष्टि से बेहतर बनाने की कार्ययोजना बनी है। पार्क के किनारे बाउंड्री वाल के साथ ही वाकिंग ट्रैक रहेगा। इसके साथ ही आकर्षक फौव्वारा भी लगाया जायेगा। बच्चों के लिए पार्क में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। तरह-तरह के झूलों के साथ ही उनके मनोरंजन के अन्य संसाधन भी पार्क में व्यवस्थित किए जाएंगे। देर शाम तक लोग पार्क में आनंद उठा सके, इसके लिए पार्क को आकर्षक लाइटो से सजाया जाएगा और पार्क में लोगों को बैठने के लिए कुर्सी भी लगायी जाएगी।
अमृत योजना के तहत पार्कों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन के निर्देश मिलते ही इस पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी