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नदी की जमीन कब्जाने का मामले का तीन माह में हो निस्तारण

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आजमगढ़। तमसा नदी की जमीन कब्जा करने के मामले में दाखिल रिट पर हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को तीन माह में मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी कोर्ट में जहां फाइलों को खंगाला शुरू कर दिया गया है वहीं, कब्जेधारियों में हड़कंप की स्थिति है। प्रकरण काफी दिनों से जिलाधिकारी कोर्ट में विचाराधीन होने से वादी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
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तमसा नदी पहले शहर को कोलबाज बहादुर, एलवल आदि मोहल्लों से होकर गुजरती थी। बाद में नदी ने अपना रास्ता बदल लिया। अभिलेखों में नदी आदि के नाम से दर्ज जमीन को राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया और उस पर मकान आदि बना लिए । भूमाफियाओं ने भी प्लाटिंग कर जमीन बेच दी । ऐसा ही एक मामला एलवल मोहल्ले के गाटा संख्या 966 रकबा .249 एयर का है। इस जमीन को लेकर राजेश कुमार सिंह ने जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दाखिल कर रखा है।

लगभग 20 लोगों को नदी आदि के नाम से दर्ज जमीन को मिलीभगत से अपने नाम करा कब्जा का आरोप है। काफी समय से प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। नदी की जमीन पर कब्जा और भी क्षेत्रों में हुआ था। पूर्व जिलाधिकारी सीबी सिंह ने इस प्रकरण में एसडीएम से रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट के आधार पर कोलबाज बहादुर मोहल्ले में नदी की जमीन पर हुए कब्जे को भी इसमें जोड़ दिया गया था। जनवरी माह में जिलाधिकारी न्यायालय से 58 और लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसमें एलवल के 20 और कोलबाजबहादुर के 38 लोग शामिल हैं। पूर्व जिलाधिकारी के स्थानांतरण के बाद मामला ठंडा पड़ गया था।
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निस्तारण न होने पर वादी राजेश कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को उक्त प्रकरण का निस्तारण तीन माह के अंदर करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी कोर्ट में प्रकरण से संबंधित फाइलें खंगालनी शुरू कर दी गई है। विपक्षियों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही जा रही है। जल्दी ही मामले का निस्तारण करने की बात कही जा रही है।

एलवल में इन्हें जारी हुई थी नोटिस
नदी की जमीन पर कब्जे के मामले में एलवल मुहल्ले के 20 लोगों को 11 जनवरी 2018 को नोटिस जारी कर जिलाधिकारी न्यायालय ने अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। जिसमें कृपानरायन, संध्या सिंह, शिप्रा सिंह, अवधेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रामस्वरूप, लक्ष्मी, लक्षिराम, छांगुर, सुन्नर, मुन्नर, विजय प्रताप, प्रमिला देवी, रेखा, कलावती, सुरेंद्र प्रताप सिंह, निर्मला और पालिकाध्यक्ष शामिल हैं।


कोलबाज बहादुर में इन्हें हुई नोटिस
नदी की जमीन पर ही कब्जे के मामले में 27 फरवरी 2018 को कोल बाजबहादुर के 38 लोगों को जिलाधिकारी न्यायालय ने नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया। इसमें बोधन, सोधन, बाबू राम, रघुपत, यशोदा, प्रेमचंद, जगदीश, श्यामकुंवर, पनवरसा, निर्मला, जगदीश, श्याम कुंवर, कृष्णानंद, कालिका प्रसाद, दीपचंद, फूलचंद, मुन्नर, ध्यान, श्यामू, नंगा, बरखू, रामअधार, पतिराजी, गोपी, राधेश्याम, अच्छेलाल, मेवालाल, हरिलाल, नंदलाल, मोतीलाल, अलगू, नगदू, देवमणि, बांके, गोदाराम, अचल, विंध्याचल, रामहित शामिल है।

हाईकोर्ट के आदेश आदेश की प्रति मिली है। आदेश एलवल मोहल्ले के एक गाटे को लेकर है। पहले इस गाटे के मामले का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद इस तरह के जितने लोग हैं, जिनको पूर्व में नोटिस जारी किया जा चुका है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।
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