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घाघरा की बाढ़ में सेमरी गांव के 14 लोगों के आशियाने डूबे

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल वासियों पर घाघरा ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। नदी के दूसरे सिरे पर बसे आराजी सेमरी गांव के 14 आशियानों को घाघरा ने गुरुवार और शुक्रवार में लील लिया। जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी का क्रम जारी है। नदी में तेजी से हो रही कटान को देख ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
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देवारावासियों के दु:स्वप्न बनी घाघरा ने उनके आशियानों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। घाघरा के तांडव को देख इसके किनारे बसे गांवों के लोग सहमे हुए हैं। लोग अपने सामान को समेट कर दूसरे स्थानों पर जाने लगे हैं। गुरुवार और शुक्रवार को नदी ने सगड़ी तहसील के ही आराजी सेमरी गांव के 14 घरों को काटकर अपने आगोश में ले लिया। जिसमें लालजी, लालचंद, प्रकाश, जयराम, छोटेलाल, राजवती, बजरंगी, दयानाथ, राम समूझ, रामधनी, प्रहलाद, शंकर, लालधारी, लालवचन आदि का घर घाघरा में समाहित हो गया है। वहीं नदी 100 बीघा आराजी सेमरी की कृषि योग्य भूमि को काट चुकी है। आराजी लोहरैया पुरा कटकर घाघरा में समाहित हो गया है। गांव के लोग भयावह स्थिति में हैं। लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कब घाघरा उनके आशियाने को उजाड़ देगी और वह बेघर हो जाएंगे। अभी तक एक भी प्रशासनिक अफसर और बाढ़ खंड के अधिकारी उस गांव तक नहीं पहुंचे। यह गांव सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर गोरखपुर के बॉर्डर पर पड़ता है। घाघरा नदी के उस पार और बेलघाट गोरखपुर के बॉर्डर पर स्थित है। ग्राम प्रधान अवधेश ने बताया कि यह गांव आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र में पड़ता है। यह गांव उपेक्षित रहा है। गांव की दो हिस्सा जमीन पर आबादी विगत वर्ष से कटकर घाघरा नदी में समाहित हो चुकी है। पिछले साल करीब 36, 38 लोगों का घर घाघरा नदी में विलीन हो गया और इस बार दोबारा घाघरा नदी बसी हुई आबादी को उजाड़ने में लगी हुई है।

हमें इस बात की जानकारी नहीं थी। लेखपाल को भेजकर इसका सर्वे कराया जाएगा साथ ही ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाएगी।
पंकज श्रीवास्तव, एसडीएम सगड़ी।


बदरहुंआ में 17 और डिघिया में 19 सेमी बढ़ा जलस्तर
लाटघाट। विगत 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 17 सेंटीमीटर और डिघिया नाले पर 19 सेंटीमीटर बढ़ा। बदरहुंआ नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 70.76 मीटर दर्ज किया गया गया था जो शुक्रवार को बढ़कर 70.93 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर गुरुवारको नदी का जलस्तर 69.90 मीटर था जो शुक्रवार को 70.09 मीटर हो गया। बदरहुंआ नाले का न्यूनतम जल स्तर 70.28 मीटर है जबकि अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर घाघरा का न्यूनतम जल स्तर 68.90 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है।
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बाढ़ के पानी में डूबे आधा गांवों के संपर्क मार्ग
लाटघाट। पहाडों पर हो रही बारीश से घाघरा के जल स्तर में लगातार वृद्घि हो रही है। शारदा और गिरिजा बैराज से पानी छूटने से भी जल स्तर बढ़ा है। घाघरा नदी में लगातार जल स्तर बढने से एक दर्जन गांव प्रभावित हो रहे है। चक्की, देवारा खास राजा, शाहडीह, सोनौरा, बांका, अभ्भनपट्टी, अजगरा मगर्वी आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। नदियों से होकर निकलने वाले नाले भर गएं हैं। इससे शाहडीह, सोनौरा,मानिकपुर सहित आधा दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। का संपर्क मार्ग डूब गया है। कटान से भयभीत तटवर्ती गांव चक्की, त्रिलोकी का पुरवा, अचल सिंह, देवारा गरीब दुबे सहित एक दर्जन गांव कटान के मुहाने पर हैं। देवारा खास राजा के त्रिलोकी का पुरवा के 18 परिवार बस्ती छोडकर एक किमी दूर दूसरे गांव में जाकर बस रहे हैं।बाढ़ ख़ंड के अवर अभियंता विजय कुमार जायसवाल ने बताया कि ऊपर से पानी डिस्चार्ज होने से घाघरा का जल स्तर बढ़ा है।
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