आजमगढ़। जिला प्रशासन साढ़े तीन वर्ष से लगातार रिमाइंडर दे रहा है। इसके बाद भी पालिका आजमगढ़ की ओर से आज तक पालिका की सीमा विस्तार का प्रस्ताव नहीं दे पाया है। इस पर डीएम ने ईओ को कारण बताओ नोटिस के साथ ही अविलंब प्रस्ताव मानचित्र के साथ भेजने का निर्देश दिया है।
जब से आजमगढ़ नगरपालिका परिषद का गठन हुआ है तबसे इसका विस्तार नहीं हो सका है। इसके कारण इससे सटे गांव जो अब शहर के बीच हो गए हैं, शहरी सुविधा से वंचित हैं। शहर में रहने के बाद शहरी सुख-सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। नगर से सटे होने के कारण इन गांवों में न तो ग्राम प्रधनों विकास करा रहे हैं और न ही नगरपालिका।कोल बाज बहादुर, कोल पांडेय, कोडर अजमतपुर, सराय मंदराज, करतालपुर आदि ऐसे कई गांव हैं जिनमें लोगों को नाली, रास्ते और पानी के निकास की समस्याओं से जूझना पड़ता है। जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 2014 से लगातर रिमाइंडर देकर पालिका से सीमा विस्तार का प्रस्ताव तलब किया जा रहा है। इसके बाद भी पालिका प्रस्ताव उपलब्ध नहीं करा पाई। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने ईओ को फिर रिमाइंडर देकर अविलंब मानचित्र के साथ प्रस्ताव तलब किया है। इसके साथ ही अब तक प्रस्ताव न उपलब्ध कराने पर ईओ से कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।
ये गांव हो सकते हैं शामिल
खैरातपुर, जमीन सिधारी, सिधारी, नरौली, रामपुर, मूसेपुर, पल्हनी, परानापुर, चकगोरया, कोल बाजबहादुर, कोल पांडेय, कोडर अजमतप़ुर, सराय मंदराज, करतालपुर, देवपार, विजौरा, हीरापट्टी, सलेमपुर, लक्षिरामपुर, अहिबरनपुर, बलरामपुर, पठखौली, तिवारीपुर, चकदमन, जगदीशपुर, अईनियां, शेखपूरा, हथिया, बैठौली, गोपालपुर, धनकपुर और जयरामपुर।