आजमगढ़। सीबीएसई ने अपने स्कूलों में रोजाना एक स्पोट्र्स पीरियड चलाना अनिवार्य कर दिया है। जनपद के 42 सीबीएसई स्कूलों में नये शिक्षा सत्र से इसकी शुरुआत कर दी गई है। हालांकि इंटर तक के सीबीएसई स्कूलों में पहले से ही हेल्थ एवं फिजिकल एजुकेशन का एक पीरियड निर्धारित होता था। अब खेल के लिए एक और पीरियड शुरू होने से शारीरिक क्षमता का बेहतर विकास होगा।
सीबीएसई ने गाइडलाइंस जारी की थी कि अब स्कूलों में हर दिन खेल का एक पीरियड अनिवार्य होगा। सीबीएसई स्कूलों के सिटी कोआर्डिनेटर नीलेश श्रीवास्तव ने बताया कि मौजूदा समय में स्टूडेंट्स लंच टाइम में भी क्लासरूम में बैठे रहते हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स को स्कूल में रोज खेलने देने के निर्देश मिले हैं। कहा गया है कि टीचर्स उन्हें क्लासरूम से बाहर प्लेग्राउंड में भेजें। जनपद में कुल 42 विद्यालय सीबीएसई स्कूल संचालित हैं। इसमें लगभग 36 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। शेष विद्यालय संबद्ध होकर चल रहे हैं। सभी विद्यालयों में नया सिक्षा सत्र शुरू हो गया है। नये सत्र के साथ एक पीरियड खेल के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही बच्चों को इस पीरिडए में खेल में भाग लेना भी अनिवार्य किया गया है। नीलेश श्रीवास्तव ने बताया कि पहले भी 12वीं तक के विद्यालय हेल्थ एवं फिजिकल एजुकेशन विषय का एक पीरिएड चलता ही थी, लेकिन नये पीरियड से बच्चों में और ऊर्जा का संचार होगा। खेल गतितिविधियों में भाग लेने से शरीर भी चुस्त-दुरुस्त रहेगा।
बोर्ड के निर्देश के अनुसार नये शिक्षा सत्र से विद्यालय में खेल के लिए रोजाना एक पीरिएड की व्यवस्था कर दी गई है। लगभग सभी सीबीएसई स्कूलों में भी सुविधा जरूर शुरू हो गई होगा। खेल के पीरिएड से बच्चों का शारील्रिक और मानसिक दोनों विकास होगा।
नीलेश श्रीवास्तव, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई स्कूल