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माटर, हरी मिर्च, बोड़ा, अदरक के दाम छू रहे आसमान

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आजमगढ़ । बारिश के चलते पानी लगने से सब्जियों के पौधे गलने और जिले स्तर पर उत्पादन कम होने से हरी सब्जियों के दामों जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अबतक बाजार में आने वाली सब्जियां अगैती फसल की हैं जो समाप्त प्राय: हैं। इस सीजन में रोपे गए सब्जियों के पौधे पंद्रह दिन बाद फल देने लगेंगे जिससे सब्जियों के रेट में गिरावट होगी। वर्तमान में टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, बोड़ा, करैला, नेनुआ, सरपुतिया, कोहड़ा समेत अन्य सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आलू और प्याज ही आम लोगों को थोड़ा राहत दे रहा है।
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टमाटर के बिना सब्जी का स्वाद अधूरा सा लगता है। वहीं हरी मिर्च का इस्तेमाल सब्जी के साथ ही सलाद के स्वाद को बढ़ा देते है। इस समय टमाटर और मिर्च 80 रुपये किलो बिक रही है। सर्दी-जुकाम से बचने के चाय में इस्तेमाल होने वाले अदरक का दाम भी 80 रुपया किलो हो गया है। इससे दूकान की चाय में से भी अदरक क म हो गई है। बोड़ा का दाम भी 80 रुपया किलो हो गया है। कोहड़ा और बैगन भी 40 रुपये किलो हो गया है। बरसात के मौसम में बाटी चोखा लोगों की पहली पसंद है। ऐसे में बैंगन महंगा होने के बाद भी इसकी खपत में कमी नहीं आई है। गोभी का सीजन अभी नहीं होने के कारण एक फूल गोभी 50 रुपये की बिक रही है। बाजार में बिकने वाली सभी सब्जियों में सबसे सस्ती सब्जी आलू नौ रुपया किलो और प्याज दस रुपया किलो है। सब्जी विक्रेता ओम प्रकाश मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश में टमाटर का उत्पादन प्रभावित हुआ है जिसके चलते नासिक से टमाटर आ रहा है। इसके कारण इसका दाम आसमान छू रहा है। एक सप्ताह पहले और वर्तमान में सब्जियों के दाम इस प्रकार है।
निजामाबाद के सब्जी उत्पादक अमित मौर्य ने बताया कि वर्तमान में मिल रही सब्जियां अगैती खेती की हैं। अब अगैती खेती की सब्जियां खत्म हो गई है। अधिकतर सब्जियां बाहर से आ रही हैं जिससे इसकी कीमत बढ़ गई है। बरसात होने के कारण खेत में पानी लग गया है जिससे सब्जियों के पौधे सड़ जा रहे रहैं। उन्होंने बताया कि नई फसल की सब्जियां पंद्रह दिन बाद तैयार होने लगेंगी तो रेट गिरेगा।
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