लूटने का अंदाज शातिर होता था
आरोपियों ने बताया कि उन लोगों का एक गिरोह है। वह लोग गिरोह व अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर भीड़भाड़ वाले स्थान पर पहले से सिखलाए हुए अपने छोटे बच्चों को आगे करके महिलाओं से बातचीत में उलझाते हैं।
इसी दौरान मौका देखकर इस गिरोह के लोग महिलाओं की चेन तोड़ लेते थे। इस गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं। जिनको प्रति चेन 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह लोग आपस में चेन को रस्सी बोलते हैं ताकि किसी को शक न हो।
यह लोग सोने चांदी की दुकानों पर भी मौका देखकर यह काम करते हैं। यह लोग 21 मई 2024 को ग्राम सुगौटी, महराजगंज में घर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिए थे। वहीं 3 जून 2024 को ग्राम पासीपुर महराजगंज में भी घर का ताला तोड़कर चोरी की थी। इस काम से जो भी गहने मिलते है उन्हें आपस में बांट लेते हैं।
इनकी भी सुनें
एसटीएफ की छापामारी हुई है। लेकिन, एसटीएफ का मामला होने के कारण हम इस संबंध में कुछ नहीं बता सकते हैं। जितेंद्र बहादुर सिंह, कोतवाली प्रभारी जीयनपुर।