बलरामपुर। जिले की 43 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में इन गांवों में एक भी टीबी के मरीज नहीं हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को टीबी मुक्त गांव का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। सीएमओ की ओर से इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिला स्वास्थ्य समिति को भेजी गई है।
जिले को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है। विभाग की ओर से गांवों में घर-घर सर्वे कराकर मरीजों की पहचान की जाती है और फिर उनका इलाज शुरू कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले की 1811 ग्राम पंचायतों में 43 ग्राम पंचायत में एक भी टीबी के मरीज नहीं मिले।
स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे के बाद 43 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया है। विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत के प्रधानों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ ने जिला स्वास्थ्य समिति को भेज दी है।
ये ग्राम पंचायत हुई टीबी मुक्त
बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से घनघटा, डोमनपुर, सालेपुर, कोठिया, थनौली, गहुनी, रायपुर पट्टी, हारीपुर, गंगटिया, कूबा खास, अमुड़ी, सुराई, रानीपुर, अहमदाबाद, टुंडवत, जल्दीपुर, देहरी, कोइलारी, मधुबन, बलिया कल्यानपुर, बलुआ, हरखोरी, बैसपुर, चतुरपुर खास, सेनपुर, मीर अहमदपुर तिलक, हथनौरा, मुल्तीपुर, बहारकोठी, बाना खुर्द, बालपुरचकिया, ऊसरी खुर्रमपुर, मुत्तीपुर, कासडीह, मकदूमपुर, नेवादा, झोटीपुर, मुरादपुर, इमिलिया, पकड़ी खुर्द, रसूलपुर जय, अखोली, बछऊर खुर्द, पोखरा गांव को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया है।
पहले आती थी तीन महीने की दवाएं अब 15 दिन
आजमगढ़। टीबी के मरीजों के लिए सरकार की ओर से निशुल्क दवा प्रदान की जाती है। साथ ही उन्हें उचित आहार के लिए नगद सहायता भी दी जाती है। विभाग की मानें तो पहले तीन महीने की दवा एक साथ आती थी। इधर, दवा की किल्लत होने के बाद से अब 10 से 15 दिन की ही दवा आती है।
जिले की 43 ग्राम पंचायतों को सर्वे के बाद टीबी मुक्त घोषित किया गया है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ के माध्यम से जिला स्वास्थ्य समिति को प्रेषित कर दी गई है। विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत के प्रधानों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। - डा. सुरेंद्र सिंह, डीटीओ।