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पीलिया से नौवी मौत के बाद दहशत में मुबारकपुर कस्बा

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आजमगढ़/मुबारकपुर। पीलिया से हुई नौवीं मौत से कस्बावासी दहशत में हैं। अब तक पीलिया के स्पष्ट कारण का पता न चल पाने पर भी लोग आक्रोशित है। नपा का पानी दूषित है या कुछ और कारण है, इसे लेकर आम जनता में ऊहापोह की स्थिति बन गई है। उधर सोमवार को पीलिया से हुई मौत के बाद डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में टीम ने कस्बे में डेरा डाल लिया है। लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
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करीब दो महीने से मुबारकपुर में पीलिया फैला हुआ है। एक-एक कर नौ लोगों की जहां पीलिया से मौत हो चुकी है वहीं इसकी चपेट में आए लोगों की संख्या सैकड़ों में है। अब भी नये मरीज प्रतिदिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राइवेट अस्पतालों पर पहुंच रहे हैं। पीलिया से नौवीं मौत की सूचना कस्बे में पहुंचते ही कस्बावासी दहशतजदा हो गए। अब तो लोगों के यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि वे नपा के पानी को दोषी माने या बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों को। लोगों का कहना है कि अब अल्लाह पर ही भरोसा है। क्योकि स्वास्थ्य महकमा व नपा प्रशासन सिर्फ अपनी-अपनी रोटी सेखने में लगे है। दो माह का समय बीत जाने के बाद भी स्पष्ट कारण का पता न लगाया जा पाना स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।
नींद से जागा स्वास्थ्य महकमा
आजमगढ़। मुबारकपुर में फैले पीलिया पर अब तक कंट्रोल नहीं हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग चार-पांच दिनों से सुस्त सा पड़ गया था। न तो पानी की जांच ही करायी जा रही थी तो वहीं कस्बे में लगाये जाने वाले चारों कैंप भी ठीक ढंग से नहीं लग रहे थे। सोमवार को पीलिया से एक और मौत हो जाने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य महकमा नींद से जागा। डिप्टी सीएमओ डॉ. मनीष शाह के नेतृत्व में टीम एक बार फिर पानी की जांच के लिए मुबारकपुर पहुंच गई। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य महकमा मरीजों का इलाज व पानी की जांच के अलावा कुछ नहीं कर रहा है।
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9 में 4 स्थानों पर नहीं मिला क्लोरीन
मुबारकपुर। नगर पालिका की टीम ने मंगलवार को मुबारकपुर में नौ स्थानों पर पानी की जांच की। जांच में चार स्थानों पर पानी में क्लोरीन की मात्रा नहीं पायी गई। डॉ. मनीष शाह ने कहा कि पानी में क्लोरीन की पर्याप्त मात्रा का न मिलना नपा के लापरवाही को दर्शाता है। वहीं ईओ राजपति अविचल का कहना है कि सिर्फ उस पानी में क्लोरीन नहीं मिलाया जा रहा है, जिसका उपयोग नहाने-धोने के लिए किया जा रहा है। पीने वाले पानी में पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन मिलाया जा रहा है। 35 समरसेबल में 22 पर क्लोरीनेशन के लिए डोजर लगा दिया गया है। शेष समरसेबुल पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं।
अपने पानी को पूरी तरह शुद्ध बता रहा नपा
मुबारकपुर। स्वास्थ्य महकमा पीलिया के प्रकोप का कारण सिर्फ और सिर्फ नपा के पानी को दोषी मान रहा है। इसके पीछे वह लखनऊ से आयी पानी की जांच रिपोर्ट बता रही है। वहीं नगर पालिका प्रशासन ने भी अब अपने पानी की जांच रिपोर्ट लखनऊ से मंगाई है। इसमें पानी को किसी भी तरह से दूषित नहीं बताया गया है। ईओ राजपति अविचल का कहना है कि जलकल विभाग के जेई संजय वर्मा ने 23 जनवरी को पूरारानी मुहल्ला निवासी सहातम गोंड व रमेश प्रजापित के घरों से पानी का नमूना लिया था जिसे जांच के लिए राज्य स्वास्थ्य संस्थान लखनऊ भेजा गया था। उसकी जांच रिपोर्ट में नपा के पानी को पूरी तरह से पीने योग्य बताया गया है। ईओ का कहना है कि खानपान व तेल की जांच नहीं करायी जा रही है, जो जांच हुई भी है तो उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आयी है। ऐसे में सिर्फ नपा के पानी को दोषी बता कर स्वास्थ्य महकमा अपना उल्लू सीधा कर रहा है।
नपा का क्या दावा है यह मुझे जानकारी नहीं है। पूर्व में पानी की जांच कराई गई थी तो पानी दूषित मिला था। जिस पर पानी के क्लोरीनेशन का निर्देश नपा को दिया गया था। अब एक बार फिर टीम भेज कर पानी की जांच करायी जा रही है और लखनऊ से भी टीम बुला कर पानी का सेंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।
सामने आया मात्र एक नया मरीज
मुबारकपुर। कस्बा के लिए मंगलवार का दिन कुछ ठीक ही रहा। मात्र एक नया मरीज ही मंगलवार को सामने आया, जिसका सीएचसी पर ही भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। नये मरीज का नाम 12 वर्षीय तबिश रेहान पुत्र एखलाक निवासी पूरासोफी है। वहीं सीएचसी पर भर्ती अन्य मरीजों के इलाज में भी सीएचसी प्रशासन जुटा हुआ है।
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