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नहीं सुधरी शहर की सफाई व्यवस्था, जगह-जगह गंदगी का अंबार

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आजमगढ़। शहर की सफाई व्यवस्था की कमान लगभग पूरी तरह से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कर दी गई है। दो माह से अधिक का समय भी बाहर से आई कंपनी के लोगों ने संभाल लिया है, लेकिन अब तक शहर की सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार का सुधार नहीं दिख रहा है। मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक कूड़े का अंबार लगा हुआ है और नपा प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
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नगरपालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड हैं। इसमें से आठ वार्डों की सफाई व्यवस्था पहले से ही निजी हाथों में थी। वर्तमान में शेष 17 वार्डों से भी कूड़ा उठाने और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका नपा की ओर से बाहर की एक फर्म को दे दिया गया है। दो से ढाई माह का समय इस फर्म द्वारा काम करते हुए हो गया है लेकिन अब तक कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है, जबकि यह कंपनी नपा के ही संसाधनों का प्रयोग कर प्रतिमाह मोटी रकम वसूल रही है। इन 17 वार्डों में कोई भी वार्ड ऐसा नहीं है, जहां प्रतिदिन कूड़ा उठाया जा रहा हो। किसी दिन एक वार्ड तो दूसरे दिन दूसरे वार्ड से कूड़ा उठाया जाता है। कुछ निश्चित स्थान तो ऐसे भी हैं, जहां एक-एक सप्ताह तक कूड़ा न उठाए जाने से उससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोगों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ रही हैं। एक बार फिर शहर कूड़े के ढेर में तब्दील होता जा रहा है और प्राइवेट फर्म हवाहवाई कवायद कर मोटी रकम नपा से वसूल रही है।
नए फर्म द्वारा काम शुरू किए जाने के बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने आश्वासन दिया था कि 15 फरवरी तक शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन भी शुरू हो जाएगा, लेकिन जिलाधिकारी का यह आश्वासन भी हवाहवाई साबित हो रहा है। एक वार्ड में भी फर्म ने अब तक डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की कवायद नहीं शुरू किया है और भुगतान डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का नपा फर्म को कर रही है।
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नपा प्रशासन की ओर से बाग लखरांव पुल के पास स्थित चेयरमैन के खाली प्लाट को पाटने के लिए सैकड़ों ट्राली कूड़ा पाटा गया था। यह प्लाट तमसा नदी तट पर है। बारिश होने पर कूड़ा बहकर नदी में जा रहा है और नदी के पानी को प्रदूषित कर रहा है। जिलाधिकारी ने उक्त जमीन से सारा कूड़ा उठवाने और डंपिंग ग्राउंड पर डाले जाने का निर्देश दिया था। कुछ ट्राली कूड़ा उठाने के बाद कम ठप कर दिया गया। नपा प्रशासन मौन साध कर बैठ गया है।
नगरपालिका की नई व्यवस्था से परेशान नगरवासी अब आंदोलित होने लगे हैं। शनिवार को तो एक वार्ड के कुछ लोगों से नपा द्वारा नियुक्ति किए गए फर्म के कर्मचारी तक हो गई। ऐसा वार्ड में सफाई न होने के चलते हुआ है। लगभग सभी वार्डो में ऐसी ही कुछ स्थिति है और लोग आक्रोशित है, किसी भी दिन कहासुनी का यह मामला आगे भी बढ़ सकता है। वहीं लोग एक बार फिर से नपा के खिलाफ आंदोलन का मन बना रहे है।
नगर पालिका परिषद की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि चेयरमैन से संपर्क करना ही मुश्किल है। घंटी पर घंटी बजती है लेकिन चेयरमैन व उनके प्रतिनिधि फोन ही नहीं उठाते है। वहीं यदि सफाई व्यवस्था के बारे में कुछ जानकारी व शिकायत के लिए ईओ को फोन करें तो उनके पास कोई जानकारी ही नहीं होती। खासतौर से नये फर्म की व्यवस्था के बाबत पूछने पर वह सिर्फ यहीं कहते है कि मैं नहीं जानता चेयरमैन से पूछे।
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