आजमगढ़। पल्हना विकास खंड के हैबतपुर डुभांव गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत सही पाई गई है। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में साढ़े तीन लाख रुपये की अनियमितता मिली। इस मामले में डीएम ने ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया। ग्राम प्रधान के स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर डीएम ने उसके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाते हुए अंतिम जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए एक पक्ष में जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
हैबतपुर डुभांव गांव निवासी राम प्रवेश मिश्र आदि ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर गांव में हुए विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। इस शिकायत पर डीएम ने सहायक अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, तहसीलदार लालगंज और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग विकास खंड ठेकमा से जांच कराई गई। जांच में टीम ने पाया कि खाते से तीन किश्तों में साढ़े तीन लाख रुपये निकाले गए लेकिन उसे कैशबुक में नहीं दर्शाया गया। कैशबुक में इसे न दर्शाने के कारण इस धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इस रिपोर्ट पर डीएम की ओर से ग्राम प्रधान बेचू राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। ग्राम प्रधान ने जो स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया उसमें कहा गया कि कैशबुक में धनराशि के सापेक्ष कार्य अंकन न करने के लिए पूर्व सचिव चंद्रशेखर सिंह और वर्तमान सचिव विनय कुमार दोषी हैं। इसलिए मुझे इन आरोपों से मुक्त किया जाए। उत्तर संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने पंचायत राज ऐक्ट की धारा 95 (एक) छह के तहत ग्राम प्रधान बेचू राम के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी। साथ ही ग्राम पंचायत के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए राजेंद्र प्रसाद, आशीष और मीरा को शामिल कर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्देश दिया कि उक्त प्रकरण की जांच एक पक्ष अंदर संपादित कर जांच आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराएं।