आजमगढ़। शासन की ओर से पिछले दिनों ‘अभय’ और ‘अहिंसा’ संबंधित दिवसों महावीर, बुद्ध और गांधी जयंती, शिवरात्रि की तरह साधु टीएल वासवानी के जन्मदिन पर 25 नवंबर को निकायों में स्थित पशु बधशालाओं के साथ ही समस्त मांस की दुकानों के बंद रखने के निर्देश दिए थे। प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय नरेंद्र सिंह ने सभी ईओ को निर्देशित किया था इसके बाद भी रविवार को शहर के विभिन्न क्षेत्र में मांस के होटल और दुकानें खुली रहीं। किसी भी निकाय अधिकारी ने इसकी सुधि नहीं ली। नगर के हर्रा की चुंगी, बिलरिया की चुंगी, तकिया, कोट, पांडेय बाजार, चौक, सिधारी पुल, पुराना पुल, कलक्ट्रेट चौराहा आदि पर मांस से संबंधित होटल और दुकानें बिना रोकटोक के खुली रहीं। पालिका के किसी अधिकारी ने यहां झांकने की भी जरूरत नहीं समझी। वहीं, शहर में कई जगह बिना लाइसेंस के मांस की दुकानें खुली हुई हैं और खुले में ही पशु वध किए जा रहे हैं।
किसी का लाइसेंस नहीं, उड़ रहा नियमों का माखौल
आजमगढ़। प्रदेश में सत्त परिवर्तन के बाद योगी सरकार की ओर से मांस की दुकानों को लेकर नियमों में काफी परिवर्तन किए थे। अवैध रूप से चल रही पशु वधशालाओं को बंद करा दिया था। मानकों को पूरा करने के बाद ही दुकान और पशु वधशाला को खोलने के आदेश दिए गए थे। मानक पूरा नहीं करने पर शहर का पहाड़पुर स्थित स्लाटर हाउस तो बंद पड़ा है, लेकिन हर चट्टी चौराहों पर मांस की दुकानें और होटल खुले हुए हैं। यहां खुले में ही पशु वध किया जाता है। मांस को खुले में रख कर भेजा जाता है। पालिका की ओर से किसी को लाइसेंस भी नहीं है। इसके बाद भी वसूली के फेर में सभी दुकानें बिना रोकटोक के चल रही हैं।
शासन की ओर से 5 नवंबर को निकायों में स्थित पशु बधशालाओं के साथ ही समस्त मांस की दुकानों के बंद रखने के निर्देश दिए थे। इस बारे में सभी ईओ को निर्देशित भी किया गया था। यदि इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं कराया गया है तो इसकी जानकारी की जाएगी और नियमानसार कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन एवं प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय