आजमगढ़। आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय फैजाबाद द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों द्वारा रविवार को ब्लाक ठेकमा के ग्राम-अमौड़ा में इन सीटू फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत कृषकों को हैवी स्वीडर मशीन द्वारा पराली का प्रबंधन किए जाने के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें धान के काटने के बाद खेत में पुआल जलाए जाने से भूमि को होने वाले हानि के बारे में जानकारी दी गई। इसके लिए कृषकों को शपथ दिलाई गई। केंद्र के वरष्ठि वैज्ञानिक डा.आरके सिंह, कृषि वैज्ञानिक डा. आरके आनंद, मृदा वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक और फसल उत्पादन वैज्ञानिक डा. एके यादव ने 16 बीघा खेत में ट्रबो हैवी स्वीडर मशीन से कंबाइन द्वारा कटे धान के खेत में बिना जुताई और बिना पुवाल जलाए गेहूं की बुआई कराई गई। केंद्र के वैज्ञानिक ने कृषकों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान केबारे में बताया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के कृषक देवेंद्र राय, , जगत नरायन राय, अशोक राय टिकरी आदि ने अपने-अपने खेतों में मशीन से बुआई कराई और तकनीकी को सफल बनाया।