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डिघिया नाले पर लाल निशान के करीब पहुंची घाघरा

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लाटघाट। कई दिनों से उफान मार रही घाघरा डिघिया नाले पर लाल निशान के करीब पहुंच गई है। जिसे देख नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू से 12 सेमी नीचे बह रहा है। 24 घंटे नदी के जलस्तर में बदरहुंआ नाले पर 13 सेमी और डिघिया नाले पर 18 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं, जिलाधिकारी के निर्देशों का भी बाढ़ खंड के अधिकारियों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
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सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी का क्रम जारी है। नदी अब धीरे-धीरे खतरा बिंदू की ओर बढ़ती जा रही है। नदी बदरहुंआ नाले पर खतरा बिंदू से 56 सेमी और डिघिया नाले पर 12 सेमी नीचे बह रही है। 24 घंटे में घाघरा नदी के जलस्तर में बदरहुंआ नाले पर 13 सेमी और डिघिया नाले पर 18 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शनिवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 70.99 मीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार को 71.12 मीटर पर पहुंच गया। वहीं, डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर शनिवार को 70.18 मीटर दर्ज किया गया था जो रविवार को 70.28 मीटर हो गया। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर डिघिया नाले पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख ग्रामीणों की सांसें टंग गई है। वहीं कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी ने अपने मातहतों के साथ बंधे का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने बाढ़खंड के अधिकारियों और एसडीएम सगड़ी को बंधे का निरीक्षण कर जगह-जगह हुए रैनकट और जानवरों द्वारा बनाए गए होल या माद को बंद करने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके निर्देश के बाद भी अभी रैनकट और मांद को बंद नहीं किया जा सका है। आज भी बंधे में दर्जनों रैन कट बने हुए हैं। जमुवारी बाढ़ चौकी के पास बने रैन कट को ग्रामीणों ने कहा कि कई बार इसकी शिकायत की गई पर नहीं भरा जा सका है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता विजय कुमार ने बताया कि शारदा और गिरिजा बैराज से 234670 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है, जिसके कारण नदी के जलस्तर में वृद्घि हो रही है।
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