सरायमीर। थाना क्षेत्र के खानकाह गांव में सोमवार दोपहर तेज धमाके के दो लोगों की मौत और दो के गंभीर रूप से झुलसने के बाद राजन के मकान में आग लग गई। ग्रामीणों की माने तो धमाके के बाद धुएं में तीक्ष्ण दुर्गंध आ रही थी। सांस लेना दूभर हो गया था। पुलिस बूथ के पीछे अवैध रूप से पटाखा बनाने का कार्य आबादी के बीच चल रहा था और पुलिस इससे बेखबर थी। अब हादसे के बाद इसे पुलिस अगलगी की घटना बनाने पर तुली है। हालांकि पुलिस छोटे सिलेंडर से रिसाव के बाद आग लगने की बात कह रही है। लेकिन सिलेंडर सही सलामत है तो धमाका किस चीज से हुआ ये सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है।
ग्रामीणों की मानें तो सरायमीर थाना क्षेत्र के खानकाह गांव निवासी राजन की सरायमीर पुलिस बूथ के पीछे काफी पुरानी पटाखे की दुकान है। यहां से शादी-ब्याह पर आतिशबाजी करने के लिए आर्डर लिया जाता है। लगन शुरू होने की वजह से राजन के पास कई लोगों का आर्डर था। इसे पूरा करने के लिए वह घर में अपनी तैयारी कर रहा था। गांववालों के मुताबिक राजन अपने घर में पटाखा बनाकर उन्हें तवे पर गर्म कर रहा था। इस दौरान आग लगने से विस्फोट हो गया। घटना के बाद मकान से उठने वाले सफेद धुएं से आसपास के लोगों का दम घुटने लगा। वहीं मकान में आग लग गई। इस दौरान राजन के अलावा उसकी मां मीरा देवी, भाई चंदन और चंदन की पत्नी सुधा झुलस गई। गांव के लोग आग पर काबू पाने के बाद इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान शाम को मीरा और राजन की मौत हो गई। चंदन और उसकी पत्नी का इलाज चल रहा। घटना के बाद से ही इनके मकान में ताला बंद है। पुलिस बाहर से ही पटाखा न बनने का दावा कर रही। उसका कहना है कि छोटे सिलेंडर में रिसाव से आग लगी। सिलेंडर एकदम ठीक है। आसपास के लोगों का कहना है कि यहां काफी दिनों से अवैध तरीके से पटाखा बनाया जा रहा था। पुलिस इस पूरे मामले को बचने के लिए अलग रूप दे रही है। उधर घटना के बाद नात रिश्तेदारों का मकान पर पहुंचे, लेकिन सभी लोग अस्पताल में हैं, इसलिए रिश्तेदारों का अस्पताल में जमावड़ा था।