अतरौलिया/अंबारी। अतरौलिया के बडक़ा खपुरा स्थित गायत्री सेवा आश्रम पंचपेड़वा परिसर में चल रहे नौ दिवसीय मारुति महायज्ञ के अंतिम दिन प्रवचन सुनने के लिए भक्तों का रेला लगा रहा। बुधवार को महायज्ञ के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया।
इलाहाबाद से आए स्वामी शिवमंगल दास महाराज ने कहा कि मानव जीवन में संस्कार तभी आता है, जब मनुष्य सत्संग और प्रवचन में जाते हैं। प्रवचन और सत्संग से मानव का दिल-दिमाग साफ होता है। परिक्रमा प्रणाम और प्रसाद से दैहिक, दैविक और भौतिक ताप, संताप, परिताप तीनों कष्ट कम होता है। यज्ञशाला में मंत्रोच्चार के साथ जब आहुति दी जाती है तो देवता प्रसन्न होकर अमृत वर्षा करते हैं। इससे धरा पर अन्न और जल उत्पन्न होता है। आयोजक पं. चन्द्रेश महाराज ने कहा कि मानव कितना भी संपन्न क्यों न हो जबतक उसके पास संस्कार नहीं है, वह कुछ भी सुख नहीं ले सकता। वहीं, अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार दीदारगंज क्षेत्र के पुष्पनगर बाजार के मेवालाल आर्य वैदिक आश्रम मे चल रहे तीन दिवसीय वृहद वैदिक महोत्सव के दूसरे दिन यज्ञ का आयोजन किया गया। स्वामी ऋतमानंद, स्वामी मेघानंद स्वामी गिरीराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ कराया। आचार्य गिरीराज और सिद्धांत शास्त्री ने कहा कि आठ गुण हैं जो मनुष्य को प्रदीप्त तेज कर देते हैं। आर्य समाज के बताए गए सिद्धान्त हमेशा मानव जीवन के लिए अमृत के समान काम करता है । सुरेश चंद्र, राजेश आर्य, संजीत आर्य, रमेश आर्य मौजूद रहे ।
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भक्ति से ही जीते जा सकते हैं भगवान- अशोकानंद
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के शिव मंदिर नत्थूपुर छतरपुर खुशहाल में चल रहे 11 दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ में मंगलवार को प्रवचन करते हुए अशोकानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान भक्त की रक्षा जरूर करते हैं। जो भक्त सच्चे मन से श्रद्धापूर्वक भगवान की भक्ति और नमन करता है भगवान उसकी रक्षा करते हैं। इसलिए कहा जाता है कि भगवान को भक्ति से ही जीता जा सकता है। भगवान का दिल बहुत सरल होता है। बस उन्हें श्रद्धा पूर्वक याद करने की जरूरत होती है। इस मौके पर मंदिर के पुजारी बाबा रामकरन दास, उमेश, निरंजन, जगदीश, विशाल, प्रमोद यादव आदि उपस्थित थे। ब्यूरो