आजमगढ़। शासन प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग एक तरफ जहां नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने को लेकर कमर कसा हुआ है तो वहीं नकल माफियाओं की तैयारियां भी कम नहीं है। नकल माफिया शासन-प्रशासन की तैयारियों में सेंधमारी की जुगत में लगा हुआ है। इस जुगत में इमला बोल कर नकल कराने की योजना बनी है, जिसके पीछे कारण सीसी टीवी की रिकार्डिंग में आडियो जैक का लगा न होना बताया जा रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में शासन प्रशासन की सख्ती के चलते नकल माफियाओं के माथे पर चिंता की लकीर जरूर देखने को मिल रही है, फिर भी नकल माफिया अपनी जुगत में जुटे हुए है। कही कैमरे की दिशा गड़बड़ लगाई गई है तो कहीं और रास्ते तलाशे जा रहे है। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में बनाए गए सभी 314 परीक्षा केंद्रों पर सीसी टीवी लगा दी गई है। जिसमें पूरे परीक्षा की रिकार्डिंग होगी, लेकिन सिर्फ वीडियो फुटेज ही स्टोर होगा, क्योकि किसी भी विद्यालय के सीसी टीवी में वीडियो के साथ ही आडियो को भी रिकार्ड करने के लिए आडियो जैक नहीं लगाया गया है। ऐसे में जब आडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था ही नहीं है तो इमला बोल कर कराए जाने वाले नकल पर लगाम लगना मुश्किल ही नजर आ रहा है। इस बाबत शिक्षा विभाग के लोगों का कहना है कि सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है, ऐसे में इमला बोल कर नकल भी नहीं हो सकेगी। लेकिन पूर्व के बोर्ड परीक्षाओं में भी स्टैटिक मजिस्ट्रेटो की तैनाती होती थी और इसके बाद भी नकल माफिया नकल कराने में सफल होते थे। ऐसा ही कुछ इस बार की भी बोर्ड परीक्षा में होने की प्रबल संभावना है, जिस पर शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासन को ध्यान देना होगा।
नकल न होने से सहमे है परीक्षार्थी
रानी की सराय। क्षेत्र में नकल को लेकर सख्ती के चलते परीक्षर्थियों में दहशत का माहौल है। कई विद्यालय ऐसे है जहां सोमवार तक पचास प्रतिशत परीक्षार्थी अपना प्रवेश पत्र ही नहीं ले गए है। भीखा साहब इंटर कालेज के प्रबंधक सुनील सिंह और चौधरी चरण सिंह किसान माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य अलगु यादव ने बताया कि प्राइवेट के अलावा रेगुलर बच्चे भी इस बार परीक्षा छोडने का मन बना लिए है। पचास प्रतिशत से अधिक बच्चों के प्रवेश पत्र अब तक विद्यालय पर ही पड़े हुए है। ऐसा ही कुछ हाल क्षेत्र के अन्य विद्यालयों का भी है।
प्रशासन नकल विहीन परीक्षा को लेकर कटिबद्ध है। नकल को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। यदि नकल की कोशिश होती है तो केंद्र प्रभारी इसके जिम्मेदार होंगे।
डा. वीके शर्मा, डीआईओएस