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फर्जी दस्तावेज पर 25 साल से करा रहा नौकरी, शिकायत के बाद भी नहीं की गई कार्रवाई

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आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से संचालित हरिजन बाल विद्या मंदिर सैदपुर में तैनात एक सहायक अध्यापक 1992 से नियम विरुद्ध और फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रहे थे। जिस कालेज से उन्होंने जिस वर्ष में डीपीएड की डिग्री दिखाई थी। कालेज को उस वर्ष इस डिग्री की मान्यता ही नहीं थी। नियुक्ति के समय शिक्षक के पिता प्रबंध समिति में सदस्य थे। साक्ष्य के साथ के बाद भी समाज कल्याण अधिकारी की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कमिश्नर से शिकायत करने पर उन्होंने डीडी समाज कल्याण से पूछा है कि फर्जी शिक्षक के मामले में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं कराई गई। साथ ही शिक्षक को अब तक जारी किए गए वेतन की रिकवरी समाज कल्याण अधिकारी के वेतन से करने के निर्देश दिए हैं।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से सैदपुर में हरिजन बाल विद्या मंदिर नामक प्राथमिक स्कूल संचालित है। इसका संचालन शिक्षा प्रचार समिति भीलमपुर करती है। प्रबंध समिति के सदस्य रहते एक व्यक्ति के पुत्र को मार्च 1992 में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात कर दिया गया। जबकि शासन स्पष्ट आदेश है कि प्रबंध समिति का अध्यक्ष और सदस्य की ओर से कालेज में अपने किसी संबंधी की तैनाती नहीं की जा सकती है। शिक्षक की ओर से तैनाती के समय नरहेजी महाविद्यालय नरही, बलिया से निर्गत डीपीए़ड की डिग्री भी लगाई गई, जबकि किसी भी विश्वविद्यालय से इस कालेज को डीपीएड की डिग्री जारी करने की मान्यता ही नहीं मिली है। भारतीय मानवाधिकार संगठन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने मामले की शिकायत मौखित रूप से समाज कल्याण अधिकारी से की, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मामले की शिकायत मई 2016 में तहसील दिवस और कार्रवाई न होने पर जून 2016 में साक्ष्यों के साथ तत्कालीन जिलाधिकारी से भी की गई। जिलाधिकारी के आदेश के बाद समाज कल्याण अधिकारी की ओर से संबंधित कालेज से बीपीएड की डिग्री के सत्यापन के लिए पत्र भी भेजा गया था। बाद में मामला फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और कोई कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार को भारतीय मानवाधिकार संगठन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने मामले की शिकायत कमिश्नर के. रविंद्र नायक से की। कमिश्नर ने डीडी समाज कल्याण जितेंद्र सिंह से पूछा है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ अभी तक एफआईआर क्यों नहीं की गई।
हरिजन बाल विद्या मंदिर में तैनात सहायक अध्यापक देवेंद्र कुमार सिंह की शिकायत की गई है। साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए हैं। मामले की जांच के आदेश डीडी समाज कल्याण को दिए गए हैं। यदि शिक्षक फर्जी दस्तावेज के सहारे और नियम विरुद्ध नौकरी करते पाया गया तो समाज कल्याण अधिकारी के वेतन से किया जाएगा।
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-के. रविंद्र नायक, कमिश्नर
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