फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दरोगा और सात सिपाही निलंबित

Thu, 26 Oct 2017 11:31 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
विज्ञापन
बस में सफर कर रहे यात्री ने मोबाइल इस्तेमाल करते हुए ड्राइवर की वीडियो बना ली।
विज्ञापन
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में चल रही अवैध शराब की फैक्ट्री का बुधवार को एसटीएफ लखनऊ की टीम के खुलासा करने के बाद हुई जांच में थाने के एक दरोगा और सात सिपाहियों की संलिप्तता पाए जाने पर एसपी अजय कुमार साहनी ने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही आरोपी के घर की महिलाओं के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने और संपत्ति को सीज करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


पुलिस जांच कर रही है कि शराब बनाने के लिए किस फैक्ट्री से केमिकल आदि की सप्लाई की जा रही थी। उसे भी सील किया जाएगा। संचालक के विरुद्ध कार्रवाई होगी। अमर उजाला ने 26 अक्तूबर के अंक में आरोपी के थाने पर बैठने और थाने का खर्च उठाने के मामले का खुलासा किया था। ये भी बताया था कि आरोपी थाने में बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनता था।  

सीओ सदर मो. अकमल खां की रिपोर्ट पर गंभीरपुर थाने के जिन लोगों को एसपी ने निलंबित किया है। उसमें हलका के दरोगा सुरेंद्र नाथ के अलावा बीट के सिपाही पंधारीलाल, रवि सिंह, जयशंकर, अभय प्रताप सिंह, दुर्गेश यादव, शकील अहमद खान और अयोध्या यादव का नाम शामिल है।
विज्ञापन


सीओ ने अपनी रिपोर्ट मेें दर्शाया है कि सात जुलाई को रौनापार, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सभी थानों से शराब के अवैध कारोबारियों के विरुद्ध रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन गंभीरपुर थाने से इनकी रिपोर्ट नहीं दी गई।

यहां काफी दिनों से शराब की फैक्ट्री चल रही थी। इसका मतलब या तो सिपाही और दरोगा का सूचना तंत्र कमजोर है, या इनकी शराब तस्करों के साथ संलिप्तता है। एसपी अजय कुमार साहनी ने लापरवाह पुलिसवालों को निलंबित करने के साथ ही आरोपियों के घर की महिला और अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई को कहा है। जिस अहाते में शराब की फैक्ट्री चल रही थी।

उस जगह को सीज करने का निर्देश दिया है। फैक्ट्री वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई का निर्देश दिया है, जहां से शराब बनाने के लिए इन लोगों को केमिकल आदि की सप्लाई की जाती थी।  

जिले के बाहर करते थे सप्लाई
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद की गई जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि यह लोग शराब तो यहां बनाते थे। लेकिन इसकी सप्लाई आजमगढ़ में नहीं, बल्कि अन्य जिलों में करते थे। खासतौर से जौनपुर की तरफ इनकी सप्लाई ज्यादा होती थी।

रौनापार में हुई जहरीली शराब की घटना के बाद पुलिस अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध अभियान छेड़ी थी। इस फैक्ट्री में बनने वाली शराब की सप्लाई अन्य जिलों में की जाती थी। शायद यही कारण है कि यह लोग उस समय पुलिस की नजर से बच गए।  

आबकारी विभाग की शह पर चल रही थी फैक्ट्री
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में चल रही अवैध शराब की फैक्ट्री के लिए जितना गंभीरपुर थाने के एक दरोगा और सात सिपाही जिम्मेदार हैं। उतना ही जिम्मेदारी आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की भी है।

एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि इस फैक्ट्री से आबकारी विभाग को 20 हजार रुपये महीने जाता था। इसमें एक आबकारी निरीक्षक और आबकारी विभाग के सिपाहियों की संलिप्तता है। इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।  

मऊ की एक फैक्ट्री की जाएगी सीज
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में बीते कई माह से चल रही अवैध शराब की फैक्ट्री में शराब बनाने के उपयोग में लाए जाने वाला केमिकल की सप्लाई मऊ जिले की एक फैक्ट्री से की जाती थी। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान केमिकल की सप्लाई करने वाली फैक्ट्री के नाम और पते की जानकारी हुई है।

जल्द ही पुलिस इस शराब की फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराकर फैक्ट्री को सील करवाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।  

एक ट्रक चालक की मुखबिरी पर एसटीएफ लखनऊ की टीम ने यह कार्रवाई की है। इस पूरे मामले की जांच एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार को सौंपी गई है। जल्द ही मामले में लिप्त अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।  
- अजय कुमार साहनी, एसपी

जांच के दायरे में है रोडवेज कर्मचारी
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में संचालित अवैध शराब की फैक्ट्री के मामले में आरोपियों के करीबी एक रोडवेज कर्मचारी की भी भूमिका संदिग्ध है। इसकी जानकारी होने पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है। यदि दोष सही पाया गया तो उसकी भी जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

उधर अवैध शराब कारोबार में रोडवेज कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध होने की सूचना मिलने के बाद रोडवेज के अधिकारी और कर्मचारियों में चर्चा का विषय बन गया है। लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।  
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें